अलॉटमेंट से पहले ही दलाल जिनके नाम से ड्रॉ निकला है उनसे मिलकर डीडीए के फ्लैट ओएलएक्स पर बेच रहे हैं। जबकि पांच साल तक इन फ्लैटों की बिक्री पर रोक है। ओएलएक्स पर इन्हें पांच से दस लाख रुपये अधिक प्रीमियम पर बेचा जा रहा है।
दरअसल, पिछले माह नवंबर में डीडीए ने सबसे बड़ी हाउसिंग स्कीम के तहत करीब 25 हजार फ्लैट निकाले। जिनका अलॉटमेंट लेटर जनवरी में मिलना है। लेकिन अलॉटमेंट से पहले ही इनकी बिक्री के लिए ओएलएक्स सहित अन्य साइटों पर विज्ञापन दिए जा रहे हैं। मामला तय होने पर खास राशि लेकर बिक्री के लिए अग्रिम बुक किया जा रहा है।
अलॉटमेंट लेटर मिलते ही बाकी कागजी कार्रवाई पूरी करने का भरोसा दिया जा रहा है। ऑनलाइन विज्ञापनों में फ्लैटों की कीमत तय कीमत से पांच-दस लाख रुपये अधिक मांगी जा रही है। खास बात है कि बिक्री के लिए जनरल पावर ऑफ एटार्नी (जीपीए) का सहारा लिया जा रहा है। क्योंकि इनकी बिक्री पर पांच साल तक रोक है। ऐसे में पांच साल तक किसी दूसरे व्यक्ति के नाम इनकी रजिस्ट्री नहीं हो सकती है।