हीरा की खासियत यह होगी कि यह अस्पतालों को अनावश्यक जांच, प्रोसीजर और दवा लिखकर मरीजों से पैसे वसूलने से रोकेगा। इसके लिए एनएचपीएस के बीमे के तहत इंप्लांट, दवा और कंज्युमेबल्स की गुणवत्ता और कीमत भी निर्धारित होगी, जिसके बाद अस्पताल इन चीजों के तय से ज्यादा कीमत नहीं वसूल सकेंगे।
इसके लिए सरकार ने सभी स्टेक होल्डर से विचार-विर्मश और मॉडल स्टडी की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, स्वास्थ्य बीमा लाभार्थी मरीज जब अस्पताल पहुंचेगा कवर वैल्यू के साथ अस्पताल को मरीज की केस हिस्ट्री हीरा को देनी होगी। इसमें बीमारी और इलाज से लेकर तमाम जानकारी उपलब्ध होगी।
इसके बाद हीरा अस्पताल की हिस्ट्री और मरीज की हालत देख इलाज उक्त अस्पताल या कहीं और कराने का फैसला लेगा। हीरा से क्लियरेंस मिलते ही अस्पताल मरीज का इलाज शुरू करेगा।