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सरदार सिंह मामले में दिल्ली महिला आयोग ने भेजा हॉकी इंडिया को नोटिस

Thu, 16 Jun 2016 06:18 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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हॉकी कैप्टन सरदार सिंह पर रेप का आरोप - फोटो : file photo
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दिल्ली महिला आयोग ने बुधवार को पंजाब पुलिस पर हमला बोलने के साथ ही एक अंतरराष्ट्रीय महिला हॉकी खिलाड़ी की शिकायत पर हॉकी इंडिया को नोटिस भेजी है। इस महिला हॉकी खिल़ाड़ी ने भारतीय हॉकी टीम के कप्तान सरदार सिंह पर रेप, शारिरीक उत्पीड़न और उसे जान से मारने की कोशिश करने का केस दिल्ली और पंजाब दोनों जगहों पर दर्ज कराया है।
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भारतीय मूल की ब्रिटिश महिला हॉकी खिलाड़ी ने सरदार सिंह पर लंदन में भी शोषण का आरोप लगाया है। इस मामले में दिल्ली महिला आयोग ने हॉकी इंडिया को नो‌‌टिस जारी कर सात दिन में ‌जवाब मांगा है कि इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

बता दें कि पीड़ित महिला ने दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में मंगलवार को सरदार सिंह के खिलाफ केस दर्ज कराया था। लेकिन इस मामले में अब तक कोई एफआईआर नहीं की गई है।
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टाइम्स ऑफ ‌इंडिया में छपी इस खबर के अनुसार, जब सरदार सिंह से इस मामले पर बात की गई तो उन्होंने उलटा ही सवाल किया कि, 'कब किया कंप्लेंट? मैं किसी के दिमाग पर नियंत्रण नहीं रख सकता, लोग क्या सोचते हैं मैं उसे बदल नहीं सकता। मैं इस मामले में कुछ नहीं कहना चाहता। पंजाब पुलिस ने उस लड़की की शिकायत खारिज कर दी थी। मैं अपने गेम पर ध्यान दे रहा हूं। ओलंपिक पास होने के कारण यह मेरे लिए एक महत्वपूर्ण साल है, मैं सिर्फ उसी के बारे में सोचना चाहता हूं।'

वहीं हॉकी इंडिया के चीफ नरेंद्र बत्रा ने इस मामले पर कुछ कहने से इंकार करते हुए कहा कि, 'मैं देश से बाहर हूं। मैं देश आकर ही कोई बात करूंगा'। 21 वर्षीय पीड़िता ने दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालिवाल की मौजूदगी में एक प्रेस कांफ्रेंस में सरदार सिंह पर 2014 में दिल्ली के एक होटल में खुद के साथ रेप करने का आरोप लगाया।

इसके साथ ही उसने ये आरोप भी लगाया कि सरदार सिंह ने उसे टॉप फ्लोर से नीचे फेंककर मारने की कोशिश भी की। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने उसी वक्त इसकी शिकायत क्यों नहीं की तो बोली कि उसे ‌कानून के बारे में पता नहीं था। साथ ही उसने दावा किया कि सरदार सिंह ने उससे कहा था चूंकि वो ब्रिटिश नागरिक है इसलिए भारतीय कानून के तहत वो केस नहीं दर्ज करा सकती।

महिला आयोग का दावा है कि पीड़िता जब 17 वर्ष की थी तब सोशल नेटवर्किंग साइट पर 2012 में दोनों की मुलाकात हुई थी। कथित तौर पर सरदार सिंह ने उसे प्रपोज किया और फरवरी 2014 में दोनों ने सगाई कर ली। महिला ने अपने बयान में ये भी कहा कि शादी करने का वादा कर सरदार सिंह ने महिला से शारिरीक संबंध बनाए। यहां तक कि सरदार सिंह ने 2015 में उस पर दबाव डाला कि वो उनके बच्चे को गिरा दे। यही नहीं उसका आरोप है कि सरदार सिंह उसके साथ लागातार मारपीट करता व संबंध बनाने के लिए मजबूर करता था।
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