जानकारी के अनुसार वाक्या दक्षिण दिल्ली कैलाश कॉलोनी स्थित अनकल्चरण कैफे एंड बार में हुआ। देर रात को यहां एक बर्थ-डे पार्टी का आयोजन किया था। पार्टी में महिला के परिवार के अलावा अन्य मेहमान भी मौजूद थे। इसी बार में उस समय द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त शंकर चौधरी भी अपने परिवार के साथ मौजूद थे। पार्टी के दौरान अचानक महिला सिर पर गिलास लगने से जख्मी हो गई। महिला का पति उसे मैक्स अस्पताल ले गया, जहां उसका इलाज हुआ।
देर रात करीब 3.05 बजे महिला के पति ने पीसीआर कॉल कर डीसीपी शंकर चौधरी पर शराब पीकर पत्नी के सिर पर गिलास मारने का आरोप लगा दिया। पति का कहना था कि गिलास लगने से उसकी पत्नी गंभीर से जख्मी हो गई। इस कॉल के बाद ग्रेटर कैलाश थाने की जनरल डायरी में एंट्री दर्ज कर ली गई। सुबह होते-होते जैसे ही मामले की भनक मीडिया को लगी तो पुलिस से सवाल जवाब किए जाने लगे। जिले की पुलिस उपायुक्त बेनिता मेरी जैकर ने तो मामले पर चुप्पी साधी रखी, लेकिन थाने की जनरल डायरी की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। इसके बाद तो सोशल मीडिया पर मामले को लेकर खूब चर्चा होने लगी।
इसके बाद पीड़िता की ओर से एक वीडियो जारी कर शिकायत वापस लेने और पुलिस उपायुक्त का नाम गलती से लेने की बात की गई। पुलिस मुख्यालय ने भी दोपहर के समय मामले पर सफाई देने हुए बताया कि एक अन्य शख्स के गिलास के खेलने के दौरान महिला जख्मी हो गई। मामले में पुलिस उपायुक्त का नाम गलती से लिया गया। अब मामला सुलझ गया है।