सिविक सेंटर के समक्ष धरने पर बैठे डीबीसी कर्मचारी ने एमसीडी के अधिकारी एवं यूनियन के मध्य डीबीसी/सीएफडब्लू कर्मचारियों को एमटीएस (पीएच) पद की बनी सहमति को लागू करने की मांग की है।
राजधानी में डेंगू का प्रकोप बढ़ने के बीच इस जलजनित बीमारी की रोकथाम के लिए घर-घर दस्तक देकर मच्छरों के प्रजनन की जांच और लोगों को जागरूक करने वाले एमसीडी के डीबीसी कर्मचारी ने मांगे पूरी नहीं करने के विरोध में सोमवार से सिविक सेंटर के बाहर अनिश्चितकालीन हड़ताल एवं क्रमिक भूख हड़ताल शुरू कर दी। इससे डेंगू की रोकथाम करने का कार्य ठप हो गया है।
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सिविक सेंटर के समक्ष धरने पर बैठे डीबीसी कर्मचारी ने एमसीडी के अधिकारी एवं यूनियन के मध्य डीबीसी/सीएफडब्लू कर्मचारियों को एमटीएस (पीएच) पद की बनी सहमति को लागू करने की मांग की है। उन्होंने महंगाई का हवाला देते हुए सरकारी विभाग के न्यूनतम ग्रेड-पे अनुसार वेतन में वृद्धि और डीबीसी कर्मचारी के मृत्यु होने पर करुणामूलक आधार पर उसके परिवार से आश्रित को नौकरी पर रखने की भी मांग की है।
इस दौरान उन्होंने डीबीसी कर्मचारियों की सेवा पूरी होने, नौकरी के दौरान मृत्यु होने पर 10 लाख रुपये की सहायता राशि देने पर जोर दिया। उन्होंने डीबीसी कर्मचारियों को मेडिकल व अन्य अवकाश का लाभ देने की भी मांग की है। कर्मचारियों की हड़ताल का नेतृत्व यूनियन के पदाधिकारी देवानंद शर्मा, मदन पाल, संजीव कुमार ने किया।