सूर्य जैसा तेज दिखाकर विदेशों को भारतीय वायुसेना की ताकत दिखा चुकी टीम 'सूर्यकिरण' का जलवा चार साल बाद फिर दिखाई देगा। आठ अक्टूबर को एयरफोर्स-डे पर टीम सूर्यकिरण हिंडन एयरबेस में परफॉर्म करेगी।
एयरफोर्स-डे पर होने वाले एयर-शो के लिए छह विमानों की टीम ने अपनी ट्रेनिंग पूरी कर ली है। हालांकि इनमें से सिर्फ चार विमान ही हिस्सा लेंगे।
सूर्य की किरणों की तरह आसमान में फैलते हुए करतब दिखाने वाली सूर्यकिरण ने साल 2011 में आखिरी बार परफॉर्म किया था। ट्रेनर विमानों की कमी के चलते पायलटों को सूर्यकिरण की ट्रेनिंग नहीं दी जा रही थी।
एयरफोर्स पीआरओ विंग कमांडर सिमरनपाल सिंह विरदी ने बताया कि टीम एयर-शो के लिए पूरी तरह तैयार है। चार विमान एयर-शो में हिस्सा लेंगे।
हॉर्ट, एरो, वॉटर स्प्रिंग और ऐपल आकृति बनाएगी टीम
सूर्यकिरण टीम एयर-शो के दौरान हॉर्ट (दिल), एरो, वॉटर स्प्रिंग(लहरें), और ऐपल(सेब) की आकृति बनाते दिखाई देंगे। आसमान में लहरों की तरह हिलोरे लेते और दिल का आकार बनाते विमान दर्शकों को रोमांचित करेंगे।
इतना ही नहीं विमान आकाश में तिरंगा बनाते हुए सलामी देंगे। सूर्यकिरण करीब 10 मिनट तक एयर-शो में परफॉर्म करेगी।
2011 से एयरशो से अलग थी 'द शार्क्स'
एयरफोर्स की 52वीं स्क्वाड्रन 'द शार्क्स' सूर्यकिरण टीम के रूम में जानी जाती है। यह स्क्वाड्रन देश की नंबर-1 प्रोफेशनल एरोबेटिक्स स्क्वाड्रन मानी जाती है।
टीम ने 1996 में 6 विमानों के साथ पहली बार आकाश में परफॉर्म किया था। इसके बाद 9 विमानों में 13 पायलट शो में हिस्सा लेते थे। ट्रेनिंग विमानों की कमी के चलते 2011 के बाद से टीम एयर-शो से अलग थी।