न्यू अशोक नगर इलाके में परिवार की मर्जी के खिलाफ शादी करने वाली एक युवती को इसकी कीमत अपनी जान देकर चुकानी पड़ी। परिवार के सदस्यों ने उसकी गला घोटकर हत्या कर दी और शव को अलीगढ़ की नहर में फेंक दिया। 22 दिन की तफ्तीश के बाद पुलिस ने युवती के माता-पिता समेत छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपियों ने खुलासा किया है कि शीतल चौधरी ने पड़ोस में रहने वाले अंकित भाटी से शादी कर ली थी। काफी समझाने के बावजूद वह शादी तोड़ने के लिए तैयार नहीं हुई। उसके बाद परिवार के सदस्यों ने उसकी गला घोटकर हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शीतल की मां सुमन, पिता रविंद्र, ताऊ संजय, फूफा ओमप्रकाश, फूफा का बेटा प्रवेश, रविंद्र का दामाद अंकित शामिल हैं।
शीतल अपने परिजनों के साथ न्यू अशोक नगर इलाके में रहती थी। वह पड़ोस में रहने वाले युवक अंकित भाटी से प्रेम करती थी। पिछले वर्ष अक्तूबर माह में दोनों ने परिजनों की अनुमति के बिना प्रेम विवाह कर लिया। 17 फरवरी को अंकित न्यू अशोक नगर थाने में शीतल की गुमशुदगी की शिकायत की और बताया कि उसका 30 जनवरी के बाद से शीतल से मुलाकात नहीं हुई है और न ही कोई बात हुई है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस शीतल के घर पहुंची। जहां पता चला कि वह फूफा के घर चली गई है। लेकिन वहां जाने पर शीतल नहीं मिली। पुलिस को परिजनों पर शक हुआ और पुलिस ने उनके फोन को सर्विलांस पर लगाया। उसके बाद पुलिस ने परिवार के सदस्यों से अलग अलग पूछताछ की। जिसमें कुछ ने अपराध कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि 30 जनवरी को शीतल की हत्या करने के बाद दो कारों से अलीगढ़ पहुंचे जहां शव को जावा नहर में फेंक दिया था।
जांच में पता चला कि शीतल को लगता था कि वह अपने परिवार वाले को मना लेगी। अंकित ने पुलिस को बताया कि शादी करने के बाद उसने शीतल को परिवार वालों से सारी बात बताने के लिए कहा था। लेकिन घर में कुछ कार्यक्रम होने की बात कहकर उसने बाद में सारी बात बताकर परिवार वालों को मना लेने की बात कही थी। जब उसने परिवार वालों को शादी करने की बात बताई तो परिवार वालों ने उसे शादी तोड़ने के लिए कहा। जब वह नहीं मानी तो आरोपियों ने उसकी हत्या कर दी।
अलीगढ़ पुलिस ने कर दिया था अंतिम संस्कार
हत्या का खुलासा होने के बाद दिल्ली पुलिस ने अलीगढ़ पुलिस से संपर्क किया। अलीगढ़ पुलिस ने बताया कि 30 जनवरी को नहर से एक युवती की लाश मिली थी। पहचान नहीं होने पर 2 फरवरी को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। कपड़े से शीतल की पहचान कर ली गई।