-मानसून से पहले सर्वेक्षण और कटाई अनिवार्य, 31 मई तक का समय, लापरवाही पर नपेंगे अधिकारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मानसून की दस्तक से पहले दिल्ली सरकार के लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने राजधानी की सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। विभाग ने एक आधिकारिक आदेश जारी कर अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी खतरनाक पेड़ों के अनिवार्य सर्वेक्षण और उन्हें हटाने का निर्देश दिया है। यह कदम मानसून के दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण पेड़ गिरने से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।
प्रधान मुख्य अभियंता (रखरखाव और उद्यान) कार्यालय द्वारा 8 मई को जारी आदेश के अनुसार, सभी संबंधित अधिशासी अभियंताओं, अधीक्षण अभियंताओं और उप निदेशकों (उद्यान) को अपने क्षेत्रों का सघन निरीक्षण करना होगा। अधिकारियों को 15 मई तक यह औपचारिक प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है कि उनके अधिकार क्षेत्र में कोई भी खतरनाक पेड़ मौजूद नहीं है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि सर्वेक्षण के दौरान कोई खतरनाक पेड़ पाया जाता है, तो उसका सटीक स्थान और खतरे की प्रकृति (जैसे कि पेड़ सूख गया है, झुक गया है या खोखला हो गया है) को बताना होगा। इसके बाद इन पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया वन विभाग के मौजूदा नियमों के तहत ही पूरी की जाएगी। संबंधित अधिशासी अभियंता को इन पेड़ों को हटाने की एक स्पष्ट समय-सीमा अपने मुख्य अभियंता को सूचित करनी होगी। पीडब्ल्यूडी ने खतरनाक पेड़ों को हटाने के लिए 31 मई की अंतिम समय-सीमा तय की है। विभाग का लक्ष्य मानसून के आगमन से पहले सभी संभावित खतरों को समाप्त किया जाए। आदेश में चेतावनी दी गई है कि यदि निर्धारित समय के भीतर प्रमाण पत्र नहीं दिया गया या खतरनाक पेड़ों को हटाने में लापरवाही बरती गई, तो भविष्य में होने वाली किसी भी घटना या दुर्घटना के लिए संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे।