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प्रचार में नाच कराने वालों को मिलेगी बड़ी सजा

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लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों ने अगर रागिनी कलाकार का कार्यक्रम चुनावी सभा में कराया तो उनके चुनावी खर्च में डेढ़ लाख रुपया जोड़ा जाएगा।
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कई प्रत्याशियों ने अधिक खर्च होने के कारण आगे से रागिनी कलाकारों को बुलाने से परहेज करना शुरू कर दिया है।

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट के लिए 24 प्रत्याशी मैदान में हैं। अपने स्टार प्रचारकों को बुलाने और चुनावी सभा में भीड़ जुटाने और लोगों को कार्यक्रम में अधिक समय तक रोके रखने के लिए कई प्रत्याशी रागिनी गायकों के कार्यक्रमों का आयोजन कराते हैं।

बहुत पसंद की जाती हैं रागिनियां

गौर करने वाली बात है कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश में रागिनी काफी पसंद की जाती है। यह एक तरह का लोकगीत है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इसके चाहने वाले वालों की संख्या काफी बड़ी है और इनके डांस कार्यक्रमों को देखने के लिए तो दूर-दूर से लोग आते हैं।

लेकिन अब रागिनी के कार्यक्रम का खर्च चुनाव आयोग ने 30 हजार से डेढ़ लाख रुपये तक तय किया है। अगर किसी रागिनी के कार्यक्रम में महिला कलाकारों का डांस भी शामिल होता है तो उसके लिए डेढ़ लाख रुपये का खर्च तय किया गया है।

महिला डांस के साथ रागिनी कार्यक्रम के खर्च गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर में डेढ़ लाख रुपये तक निर्धारित किया है।
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कइयों ने करा दिए हैं कार्यक्रम

गौतमबुद्ध नगर लोकसभा सीट के लिए चुनाव लड़ रहे कई प्रत्याशियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में सभाओं में रागिनी कलाकारों के कई कार्यक्रम करा दिए।

चुनावी खर्च में इसे जोड़ दिया गया है। यही कारण है कि जिन प्रत्याशियों ने रागिनी कार्यक्रम बुक कर रखे थे उन्होंने अब इसे रद्द करा दिया है।

अब ग्रामीण प्रत्याशी इस बात से काफी परेशान हैं। क्योंकि उन लोगों के अनुसार उनके खर्च में इतने पैसे जुड़ जाने का नियम उन्हें मालूम नहीं था। नहीं तो वे इस तरह के कार्यक्रम न कराते।
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