कस्बे में आयोजित सपा की एक गोष्ठी में रविवार को आचार संहिता का खुला उल्लंघन हुआ। सपा प्रत्याशी कमलेश वाल्मीकि के पक्ष में आयोजित गोष्ठी में डिबाई विधायक की मौजूदगी में रागिनी कलाकारों ने भीड़ जुटाने के लिए जमकर ठुमके लगाए।
लोगों ने भी उन पर नोटों की बारिश भी की। इस मामले में मजिस्ट्रेट ने कार्यक्रम आयोजक पर मुकदमा दर्ज कराया है।
ऊँचागांव में शनिवार शाम ग्राम प्रधान बुद्धा वर्मा ने विचार गोष्टी कार्यक्रम का आयोजन कराया। इसमें डिबाई विधायक गुडडू पंडित मौजूद रहे।
इस बार बुरे फंसे, पुलिस ने कर ली वीडियोग्राफी
भीड़ जुटाने के लिए आयोजक ने महिला रागिनी कलाकारों को बुलाया गया था। महिला कलाकारों ने दर्शकों के मनोरंजन और भीड़ जुटाने के लिए जमकर ठुमके लगाये।
महिला कलाकारों के ठुमकों पर मंत्रमुग्ध होकर मौजूद लोगों ने भी खूब नोट बरसाये। विधायक गुड्डू पंडित ने इस मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए सपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और पार्टी के प्रत्याशी को जिताने पर क्षेत्र के विकास की गारंटी देने का दावा किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूरनचंद शास्त्री, संचालन खुर्शीद आलम ने किया है। इस मौके पर ग्राम प्रधान बुद्धा वर्मा, रिंकु शर्मा, मनोज कुमार, मोनू शर्मा आदि मौजूद रहे। सूचना मिलने पर फ्लाइंग स्क्वॉयड मौके पर पहुंचा और कार्यक्रम की वीडियोग्राफी कर ली गई।
सैफई महोत्सव पर कोर्ट में है मामला
यूपी सरकार की तरफ से करोड़ों रुपये सैफई महोत्सव पर खर्च किए जाने को लेकर पहले से ही पार्टी पर एक जनहित याचिका सुप्रीम कोर्ट में दायर है।
याचिका दायर करने वाले अलीगढ़ निवासी आरटीआई एक्टिविस्ट अनूप कौशिक ने याचिका में कहा था कि बिना किसी ऐतिहासिक महत्व के सैफई में सांस्कृतिक आयोजन पर करोड़ों रुपये क्यों खर्च किए गए।
जबकि सरकार को मुजफ्फरनगर दंगे के बाद वहां पुनर्वास के साथ राहत शिविरों में बजट की जरूरत थी। हालांकि रविवार को फिर से सपा नेताओं की ओर से कलाकारों से ठुमके लगवाने और नोट बरसाने की बात भी भारी पड़ सकती है। क्योंकि पुलिस स्क्वॉयड ने खुद मामले की वीडियोग्राफी की है और आचार संहिता भी लागू है।