नई दिल्ली के वसंत विहार गैंगरेप मामले में शुक्रवार को बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं ने आश्चर्यजनक रूप से रवैये में बदलाव लाते हुए कुछ ही घंटों की सुनवाई के बाद जिरह पूरी कर ली।
वहीं, न्यायमूर्ति रेवा खेत्रपाल व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने चारों दोषियों को फांसी की सजा मिले या नहीं इस मुद्दे पर फैसला सुरक्षित रख लिया। खंडपीठ ने दोनों पक्षों को कहा कि यदि वे अभी भी पक्ष रखना चाहते हैं तो 15 जनवरी तक लिखित मे दे सकते हैं।
पेश मामले के मुताबिक, दोषी विनय, अक्षय, मुकेश व पवन को निचली अदालत ने 16 दिसंबर 2012 की रात 23 वर्षीय युवती से गैंगरेप करने, उसकी हत्या व उसके दोस्त को बुरी तरह से घायल करने के आरोप में फांसी की सजा सुनाई थी।
मामले में एक आरोपी राम सिंह ने ट्रायल के दौरान तिहाड़ जेल में आत्महत्या कर ली थी। वहीं, नाबालिग को बाल अदालत ने तय नियमों के तहत तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई गई थी।