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डेयरी प्लाट अलाटमेंट की जांच सौंपी गई स्टेट विजिलेंस को

Thu, 04 Aug 2016 05:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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Fraud
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फरीदाबाद नगर निगम ओल्ड जोन के बसेलवा गांव में डेयरी स्कीम के तहत पशुपालकों को प्लाट देने के मामले में हुए कथित घपलेबाजी का मामला अब स्टेट विजिलेंस के पास पहुंच गया है। माना जा रहा है कि  कथित घपलेबाजी में आरोपी निगम अधिकारी की  ऊंची पहुंच के चलते एडीसी एवं निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया जांच नहीं कर पाए। आखिर में उन्होंने हाथ खड़े करते हुए जांच स्टेट विजिलेंस को भेज दी है।
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निगम सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 1995 में तत्कालीन राज्य सरकार ने शहर को साफ सुथरा बनाए रखने के लिए पशुपालकों को शहर के बाहर प्लाट देने की योजना बनाई थी। इसे देवी लाल डेयरी स्कीम का नाम दिया गया था। यह स्कीम एनआईटी, ओल्ड और बल्लभगढ़ जोन के लिए थी। ओल्ड जोन में बसेलवा गांव में स्कीम के तहत लोगों को प्लाट दिए गए। पहले चरण में 50 पशुपालकों को प्लाट आवंटित किए जा चुके थे।

जबकि दूसरे चरण में 98 प्लाटों में से करीब 45-50 लोगों को ही प्लाट आवंटित हो पाया। दूसरे फेज की स्कीम के तहत न तो वहां सिविल वर्क पूरा हो पाया और न ही किसी को कब्जा दिया गया। प्लाट 160 वर्ग गज से 200 वर्ग गज के थे। प्लाट देने के लिए तत्कालीन एसडीएम की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की गई थी जिसमें तहसीलदार और निगम के एटीपी शामिल थे।
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निगम सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2013 में ओल्ड फरीदाबाद के संयुक्त आयुक्त का पदभार देख रहे निगम के एक अधिकारी ने उच्चाधिकारियों को भरोसे में लेकर एक दो प्लाट अपने उन चहेतों को अलाट कर दिया जो पात्र नहीं थे। किसी ने इसकी शिकायत सरकार से की। सरकार ने केस भेजने को कहा लेकिन निगम अधिकारियों ने केस को नहीं भेजा। वर्ष 2013 में चीफ टाउन प्लानर रहे एससी कुश ने भी प्लाट आवंटन में गड़बड़ी का अंदेशा जताया था।

शिकायत पर एडीसी कर रहे थे जांच
-किसी ने डेयरी प्लाट आवंटन मामले की शिकायत सीएम विंडो के जरिए सरकार से की। सरकार ने मामले की जांच करने के लिए एडीसी  एवं निगमायुक्त डॉ. आदित्य दहिया को जिम्मेदारी सौंप दी। कई महीनों तक जांच न कर पाने के कारण अंत में उन्होंने भी हाथ खड़े कर लिए। सूत्रों का कहना है कि इस मामले के जिम्मेदार निगम अधिकारी की ऊंची पहुंच के चलते वह जांच पूरी नहीं कर पाए। अब इस केस को स्टेट विजिलेंस को भेजने की सिफारिश सरकार से की गई है।

मेरे पास डेयरी स्कीम की जांच के लिए फाइल आयी थी लेकिन किसी कारणवश वह जांच पूरी नहीं हो पाई। ऐसे में अब इस केस को स्टेट विजिलेंस के पास भेजने की सिफारिश कर दी है। स्टेट विजिलेंस की इस मामले की जांच करेगी।-डॉ. आदित्य दहिया, निगमायुक्त नगर निगम
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