दिल्ली-एनसीआर के बाजारों की हो रही स्टडी
अधिकारियों का कहना है कि एशियन विकास बैंक की मदद से अर्नेस्ट एंड यंग संस्था एनसीआरटीसी के लिए दिल्ली-एनसीआर के बाजारों का अध्ययन कर रही है। इसके जरिए पता चल सकेगा कि दिल्ली में रोजाना कितने माल की आवक व खपत होती है और उसे दिल्ली पहुंचाने के लिए किस स्तर की तैयारी करनी पड़ेगा। अगले दो महीनों में शुरुआती रिपोर्ट कारपोरेशन को मिल जाएगी। इसके आधार पर आगे की योजना तैयार होगी।
सेवा शुरू होने से प्रदूषण पर भी लगेगी रोक
विशेषज्ञों का मानना है कि एनसीआरटी की तरफ से यह सुविधा शुरू होने के बाद ट्रैफिक जाम व प्रदूषण का भी समाधान निकलेगा। फिलहाल दिल्ली में प्रवेश करने वाले ट्रक पर्यावरण के लिए संकट बने हैं। वहीं, ट्रक मालिकों को ग्रीन सेस देना पड़ता है। भविष्य में और सख्ती की संभावना है। लेकिन यह सुविधा शुरू होने से मालवाहक ट्रकों के दिल्ली में आने की जरूरत नहीं रहेगी। वहीं, दिल्ली के इंट्री प्वाइंट जाम मुक्त होंगे।
नहीं खराब होगा सामान, किसानों को भी मिलेगा
विशेषज्ञों का मानना है कि रैपिड रेल से माल ढुलाई होने से फल-फूल, सब्जियां, दूध व दुग्ध उत्पादों के खराब होने की आशंका नहीं है। एनसीआर से एक घंटे के भीतर सामान दिल्ली के बाजारों में पहुंच जाएगा। वहीं, किसानों को भी इससे अपने सामान की देखरेख करने की दिक्कत नहीं होगी। ट्रकों से लाने में लगने वाला समय भी बचेगा। एनसीआरटीसी का मानना है कि अगर सप्लाई ज्यादा हुई तो कारपोरेशन कोल्ड स्टोरेज की सुविधा मुहैया करा सकता है।
नॉन पीक आवर्स में होगी ढुलाई
अधिकारियों का कहना है कि सुबह, दोपहर व देर रात के नॉन पीक आवर्स में मालवाहक कंटेनर से ढुलाई की योजना है। यात्री ट्रेनों के बीच-बीच में मालवाहक ट्रेनों को गुजारा जाएगा। इससे मुसाफिरों को परेशानी नहीं होगी। वहीं, रैपिड रेल की कमाई का अतिरिक्त जरिया भी निकल आएगा।