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इस सवाल को सुनते ही सोच में पड़ गया दानिश

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कैलाश अस्पताल के आईसीयू में भर्ती दानिश की हालत में सुधार है। रविवार को वेंटिलेटर से हटाने के बाद याद्दाश्त परखने के लिए सोमवार को दानिश ने बड़े भाई सरताज के कहने पर दस से एक तक उल्टी गिनती गिनी।
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साथ ही डॉक्टर के पूछने पर यह भी बताया कि उसने दसवीं और 12वीं की परीक्षा कब पास की थी। दानिश बेड पर उठकर भी बैठा।

दानिश का इलाज कर रहे न्यूरोसर्जन डॉ. वरुण भार्गव ने बताया कि अगले 72 घंटे दानिश की निगरानी अहम है। इस अवधि में उसे आईसीयू में ही रखा जाएगा।

उन्होंने बताया कि सोमवार को दानिश का सीटी स्कैन किया गया था। इसमें दिमाग के बाएं हिस्से में (लेफ्ट फ्रंटल लोब) जहां ऑपरेशन किया गया था, वहां अभी हल्का रक्त का थक्का है और सूजन बनी हुई है।

इस हिस्से पर व्यक्ति की सोचने की क्षमता निर्भर करती है। दानिश को अभी खतरे से बाहर नहीं कहा जा सकता है। उसको हर आठ-आठ घंटे पर 25-25 मिलीलीटर पानी पीने के लिए दिया गया था। उसने पानी पिया है। वह बातचीत भी कर रहा है। उसकी याद्दाश्त ठीक है।
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दानिश मुस्कुराया

दानिश से सोमवार को इबादत की। भाई सरताज ने उससे बातें भी कीं। उसने न सिर्फ भाई को पहचाना बल्कि अस्पताल में मौजूद उससे मिलने गए रिश्तेदारों को भी आसानी से पहचान लिया।

उसने भाई का हाथ पकड़ा और मुस्कुराया। उसने भाई के पूछने पर वह दिन और तारीख भी बताई जब वह भाई के पास चेन्नई गया था।

दानिश के इलाज की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसकी मनोचिकित्सकीय काउंसलिंग भी होगी। उससे घटना या पिता के बारे में किसी को भी जिक्र करने से मना किया गया है।

ऐसी सूचना मिली थी कि गाजियाबाद स्थित यशोदा अस्पताल से एंबुलेंस लेने आई थी लेकिन परिवार ने मना कर दिया। मुख्यमंत्री का भी आदेश है कि दानिश का कैलाश अस्पताल में इलाज जारी रहे। -डॉ. वरुण भार्गव, न्यूरोसर्जन (दानिश का इलाज करने वाले डाॅक्टर)

दानिश का रविवार का पेपर छूटा

बिसाहड़ा कांड के पीड़ित और कैलाश अस्पताल में घायल पड़े दानिश की रविवार को एसएससी की परीक्षा थी। दानिश एसएससी की तैयारी पिछले एक वर्ष से कर रहा था।

पिछले सोमवार को घटना के बाद से घायल पड़े दानिश की मेहनत इस साल खराब हो गई। वह घायल होने के कारण पेपर से वंचित रह गया।

सरताज की एयरफोर्स में नौकरी लगने के बाद से दानिश का भी हौसला बढ़ गया था। उसने भी एसएससी की परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
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बिसाहड़ा बोलते ही सोच में पड़ गया दानिश

पिछले दिनों ही उसका प्रवेश पत्र नेट पर आ गया था। चार अक्तूबर को उसकी एसएससी की परीक्षा थी और उसका सेंटर गाजियाबाद में पड़ा था।

पिछले सोमवार को हुई घटना के बाद घायल दानिश अभी ठीक होने की प्रक्रिया में है। इसके चलते उसे परीक्षा छोड़नी पड़ी।

कैलाश अस्पताल के आईसीयू में भर्ती दानिश बिना किसी सपोर्ट के सांस ले रहा है। दानिश से डॉक्टर ने उसका नाम, क्या करते हो और कहां रहते हो, सवाल भी पूछा।

दानिश ने अपने गांव का नाम बिसाहड़ा बताया लेकिन वह सोच में पड़ गया। थोड़ी देर शांत रहा। ऐसे में डॉक्टर ने उससे दूसरे सवाल पूछकर उसका ध्यान हटाया।
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