पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग लोगों को केवाईसी, आधार से पैन लिंक और बिजली बिल के नाम पर ठग रहे थे, लेकिन जैसे ही देश में 5G की शुरुआत हुई, ठगों ने भी अपना तरीका बदलते हुए 5G सिम अपग्रेड का झांसा देकर साइबर ठगी शुरू कर दी है। ऐसे में पुलिस में पास में कई मामले सामने आ रहे हैं। इस तरह की ठगी को देखते हुए यूपी साइबर क्राइम पुलिस ने किसी भी 5G नेटवर्क अपडेट या अपग्रेड के चक्कर में न पड़कर साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की सलाह दी है।
दरअसल, एक अक्तूबर से देश के 13 शहरों में शुरू हुई 5G सर्विस साइबर ठगों के लिए अवसर बन गई है। शातिर ठग लोगों को इंटरनेट स्पीड बढ़ाने का झांसा दे रहे हैं। साथ ही 5G सिम अपग्रेड करने का झांसा दे रहे हैं। जैसे ही आप इसके लिए राजी हो जाते हैं। ठग तीन डिजिट का एक यूनिक नंबर देकर उसे अपने मोबाइल डायल करने की बात कहते हैं। ऐसा करने पर आरोपी इन तीन नंबरों के पीछे उक्त शख्स का 10 अंकों का मोबाइल नंबर डलवाते हैं।
इसके बाद ठग इस नंबर को डायल करने के लिए कहते हैं। ऐसा करते ही शख्स के मोबाइल में मौजूद ई-वॉलेट और मैसेजिंग ऐप की जानकारी साइबर ठगों के पास आ जाती है। जिसके बाद ठग बहुत ही आराम से आप का मोबाइल वॉलेट और मैसेजिंग ऐप का क्लोन अपने मोबाइल में डाउनलोड कर लेता है। इसी के बाद आरोपी ठग ऐप के जरिये आप के परिचितों से आप के नाम पर अलग अलग बहानों से पैसे मंगवा लेते हैं। मैसेज आने पर कई बार लोग समझते हैं कि यह उनके जानकार ने ही भेजा है। इसी के बाद पैसे भेजनकर वह ठगी के शिकार हो जाते हैं।
लिंक भेजकर भी हो रही जालसाजी
जालसाज 5G अपग्रेड के मामले में एक लिंक के साथ मैसेज भेजते हैं। जैसे ही मोबाइल यूजर इस पर क्लिक करता है। या तो उनके खाते से रुपये गायब हो जाते हैं। वहीं कई बार सिम को ब्लॉक करा देते हैं। जब तक उक्त शख्स की सिम फिर से चालू होती है। ठग उसे अपना शिकार बना चुके होते हैं।
5G अपग्रेड करने के नाम पर ठगी की शिकायतें आ रही हैं। इसको लेकर सभी लोग अलर्ट रहें। सिम अपग्रेड कराने के चक्कर में कोई भी व्यक्तिगत जानकारी किसी को नहीं दें। अन्यथा साइबर जालसाज ठगी का शिकार बना सकते हैं। -प्रो. त्रिवेणी सिंह, एसपी, यूपी साइबर क्राइम