देश के चिकित्सा सहित दूसरे संस्थान साइबर खतरों से तीन साल में सुरक्षित हो जाएंगे। उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए क्वांटम तकनीक पर काम चल रहा है। वहीं भारतीय जरूरत के आधार पर दवा और चिकित्सा उपकरण भी देश में विकसित होने लगेंगे। इनके लिए भारत को किसी दूसरे देश पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं रहेगी। केंद्र सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने कहा कि आने वाले सालों में देश दवा के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाएगा।
इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवा नवाचार के भविष्य पर चर्चा करने के लिए शोधकर्ता, शिक्षाविद और स्वास्थ्य सेवा नेता एक मंच पर आए। यहां देशभर के 20 एम्स संस्थानों के डीन पहुंचे।
समारोह में एम्स के निदेशक प्रो. एम. श्रीनिवास ने कहा कि पैन-एम्स रिसर्च कंसोर्टियम अत्याधुनिक अनुसंधान और साझा विशेषज्ञता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा चुनौतियों से निपटने की दिशा में काम करेगा।
कार्यक्रम में पीएचडी, एमएससी और स्नातक छात्रों के साथ-साथ जूनियर और सीनियर रेजीडेंट ने 13 प्रस्तुतियां दी। इनमें विभिन्न चिकित्सा क्षेत्रों में अत्याधुनिक शोध को प्रदर्शित किया गया। साथ ही 514 पोस्टरों वाली एक पोस्टर प्रदर्शनी दिखाई गई। इसमें कैंसर, न्यूरोलॉजी, कार्डियोलॉजी, नेत्र विज्ञान, दुर्लभ रोग, संक्रामक रोग सहित अन्य विषयों को रखा गया।
शोध के लिए किए गए सम्मानित
समारोह के दौरान विभिन्न शोध के लिए प्रमुख विशेषज्ञों को सम्मान दिया गया। सम्मानित होने वालों में प्रोफेसर डॉ. मंजरी त्रिपाठी, प्रो. डॉ. शेफाली गुठली, डॉ. रीमा दादा सहित अन्य शामिल हैं।
बुजुर्गों के कूल्हे बचाएगी तकनीक
प्रस्तुत किए गए 12 अनुसंधान में डॉ. अविनाश चक्रवर्ती ने आईआईटी दिल्ली के साथ मिलकर हिप प्रो को प्रस्तुत किया। यह उपकरण बुजुर्गों को गिरने पर होने वाली कूल्हे की चोट को बचाएगा। इस उपकरण में विशेष सेंसर लगे हुए हैं। इनकी मदद से उपकरण में लगे एयर बैग तुरंत खुल जाएंगे जो बुजुर्गों का बचाव करेंगे। इसका परीक्षण हो चुका है।
उपकरण हिंदी में समझाएगा जांच रिपोर्ट
ब्लड रिपोर्ट सहित दूसरी जांच रिपोर्ट को समझने के लिए अब डॉक्टरों के आगे-पीछे चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। डॉ. कृतिका रंगराजन ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित रेडियोलॉजिस्ट-रोगी संवाद को विकसित किया है। यह मरीज की रेडियोलॉजी रिपोर्ट को हिंदी में औपचारिक रूप में बदलेगी। वहीं डॉ. तुषार सहगल ने एआई-आधारित परिधीय रक्त फिल्म विश्लेषण और सीबीसी रिपोर्टिंग को विकसित किया है।