गिरफ्तार आरोपी की पहचान पश्चिम दिल्ली के विकास विहार निवासी कमल शर्मा (39) के रूप में हुई है। बाहरी उत्तरी जिला के साइबर सेल में लिबासपुर निवासी एक महिला ने ठगी की शिकायत की। जिसमें उसने बताया कि सोशल मीडिया के जरिए उसकी कमल शर्मा से मुलाकात हुई। वह वी एलिमिनेट पॉवर्टी नाउ नाम से एक स्वयं सेवी संस्था चलाता था। उसने खुद को वायु सेना के फ्लाइंग लेफ्टिनेंट बताया और उसे भारतीय वायु सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देकर उससे 12 लाख रुपये ठग लिए। काफी दिनों तक नौकरी नहीं मिलने पर पीड़िता ने उसके खिलाफ शिकायत की।
निरीक्षक रमन कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में पता चला कि आरोपी पीड़िता से व्हाट्सएप पर बात करता था। व्हाट्सएप चैट हिस्ट्री, स्क्रीनशॉट, मेल आईडी विवरण, बैंक और यूपीआई लेनदेन की जांच से कमल शर्मा की पहचान की। जिसमें पता चला कि कमल वायु सेना में काम नहीं करता है बल्कि वह वी एलिमिनेट पॉवर्टी नाउ नाम से एक एनजीओ चलाता है। बैंक खाते की जांच में पता चला कि आरोपी ने करीब सौ से अधिक लोगों से करोड़ो की ठगी कर चुका है। तकनीकी जांच के जरिए पुलिस ने उसे बेंगलूरु से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाकर छतरपुर नई दिल्ली में आरोपी के घर पर छापे मारे। जहां से पुलिस ने भारतीय वायु सेना की वर्दी (नेम प्लेट, रैंक, बैज, कैप के साथ), एयर पिस्टल गन, लेटर हेड, आश्रित कार्ड, लैपटॉप, प्रिंटर, फिंगर प्रिंट स्कैनर, डोंगल, पेन ड्राइव, सिम कार्ड, स्टेथोस्कोप, अन्य आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए। जांच में पता चला कि वह भारतीय वायु सेना की आंतरिक जानकारी से अच्छी तरह वाकिफ था और इसका इस्तेमाल भारतीय वायुसेना में एक आकर्षक कैरियर के नाम पर लोगों को धोखा देता था। आरोपी से आर्मी इंटेलिजेंस और दिल्ली पुलिस द्वारा संयुक्त पूछताछ की।
आरोपी पर दर्ज हैं तीन मामले, एक में जा चुका है जेल
जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ बिंदापुर दिल्ली में एक और शामली यूपी में ठगी के दो मामले दर्ज हैं। शामली के एक मामले में वह 11 माह जेल में रह चुका है। जांच में यह सामने आया है कि आरोपी कमल शर्मा बेरोजगारों के सामने खुद को भारतीय वायु सेना में फाइट लेफ्टिनेंट बताता था और उन्हें भारतीय वायु सेना में नौकरी दिलाने का झांसा देता था।
वह साल 2016 से एक एनजीओ चलाता है और युवाओं को प्रभावित करने के लिए यूपी, हरियाणा और राजस्थान में शिविर आयोजित करता था। वह बेंगलुरु बैंगलोर, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद, जोधपुर, जयपुर, जैसलमेर, गोवा, कोच्चि, बीदर, पटना, जम्मू और बेलगाम जैसे विभिन्न शहरों के युवकों को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने बताया कि वह एनआर जिंदल पब्लिक स्कूल उत्तम नगर से 12वीं की परीक्षा पास की है। उसके बाद वह महाराजा सूरजमल संस्थान जनकपुरी से इलेक्ट्रॉनिक्स में डिप्लोमा किया। वह 2016 से एक नकली फ्लाइट लेफ्टिनेंट का जीवन जी रहा है।