साइबर सिटी की सड़कों पर लगी स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण शहरवासियों व राहगीरों को रात के समय परेशानी का सामना करना पड़ता है। जगह-जगह स्ट्रीट लाइट खराब होने से शाम होते ही सड़कों पर अंधेरा पसर जाता है। जिससे कोई भी घटना होने का भय बना रहता है।
शहर के मुख्य चौराहों व सड़कों के साथ सेक्टर व कॉलोनियों में लगी स्ट्रीट लाइटें केवल खानापूर्ति कर रहीं हैं। समय-समय पर लाइटों की मरम्मत न होने से लाइटें एक-एक कर खराब होती जा रही है।
वहीं बची हुई लाइटें भी अपनी पूरी रोशनी नहीं बिखेर पाती। रात होते ही सड़कों पर अंधेरा छा जाता है। इस कारण रात में लोग सड़कों पर गुजरने में असुरक्षित महसूस करते हैं।
इन जगहों पर लाइटें खराब होने से छाता है अंधेरा
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बस स्टेंड रोड, महावीर चौक, सेक्टर 15, जैकबपुर, गुडग़ांव गांव, कुष्णा कॉलोनी, ज्योती पार्क, सेक्टर 7, सूर्या विहार, हाउसिंग बोर्ड, अशोक विहार, मदनपुरी सहित अन्य इलाकों में सड़कों पर लगी लाइटें खराब होने के कारण अंधेरा छाया रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लाइटों को ठीक करने की शिकायत देने के बाद भी प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया जाता।
करोड़ों खर्च करने के बाद भी नहीं मिलती रोशनी
हर वर्ष नई लाइटें लगाने व खराब लाइटों की मरम्मत के लिए नगर निगम द्वारा करीब 1 करोड़ रुपये का टेंडर छोड़ा जाता है। जिसमें नए शहर व पुराने शहर में लगी लाइटों के लिए 50-50 लाख का टेंडर दिया जाता है। लेकिन करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी सड़कों पर लगी लाइटें काम नहीं करती। जिसके कारण शहरवासियों को अंधेरे में रहना पड़ता है।
सभी स्ट्रीट लाइटों का सर्वे किया जा रहा है। जिनमें जहां ज्यादा जरूरत हैं वहां नई लाइटें लगाई जा रही हैं। वहीं खराब लाइटों की जांच कर उन्हें ठीक किया जा रहा है।
ललित जिंदल, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम।