नोटबंदी के तहत पुराने पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट बैंकों से बदलने का चलन बंद होने के बाद शुक्रवार को अब बैंकों के बाहर अकाउंट से नोट बदलने की लंबी लाइन दिखीं। जबकि राजधानी के अधिकांश एटीएम के बाहर नो कैश का बोर्ड टंगा था।
वहीं, मात्र आरबीआई मुख्यालय में पुराने नोट बदलने की सुविधा तो मिल रही है, लेकिन जानकारी के अभाव में लोग नहीं पहुंचे। बैंक अधिकारी परेशान है कि नोटबंदी के बीच जिन ग्राहकों की समस्या हल नहीं हुई, अब वे अकाउंट बंद करने की धमकी दे रहे हैं।
ऐसे में बैंक अपने ग्राहकों को सुविधा देने पर काम करने की योजना बना रहा है। अमर उजाला संवाददाता सीमा शर्मा और फोटोग्राफर विवेक निगम ने राजधानी के विभिन्न इलाकों में बैंकों, एटीएम समेत आरबीआई के बाहर भीड़ का जायजा लिया, पेश है रिपोर्ट।
कैश निकालने के लिए घंटों का इंतजार
लक्ष्मी नगर मार्केट में केनरा बैंक की ब्रांच के बाहर एटीएम और बैंक अकाउंट से पैसे निकालने के लिए लंबी-लंबी लाइन लगी हुई थी। महिलाओं और पुरुषों की अलग-अलग लंबी लाइन को संभालने के लिए दिल्ली पुलिस की महिला कर्मी उन्हें शांति से खड़ा रहने का निर्देश दे रही थी।
हालांकि आधे से पौने घंटे से लाइन में खड़े लोगों का सब्र टूट रहा था। भीड़ पूछ रही थी कि पैसे मिलेंगे या नहीं?एटीएम में तो नो कैश का बोर्ड टंगा रखा है। लाइन में लगी नेहा व कविता का कहना था कि फैसला तो ठीक है, लेकिन बैंक अच्छे से काम नहीं कर रहे हैं।
एटीएम व बैंक में सुबह 11 बजे तक कैश खत्म
वसुंधरा एंक्लेव : एचडीएसएफ : समय दुपहर डेढ़ बजे
ट्रांसपोर्ट का व्यवसाय करने वाले सतीश शर्मा अपने अकाउंट से पैसा निकालने पहुंचे थे। हालांकि बैंक में कैश न होने के चलते वे परेशान होकर एटीएम की ओर भागे। इतनी देर में एटीएम के बाहर बैठे गार्ड ने नो कैश का बोर्ड दिखा दिया। सतीश का कहना था कि बैंक वालों की भी गलती नहीं है।
तीन दिन से पीछे से कैश अमाउंट कम आ रहा है। बृहस्पतिवार को भी आया था । लेकिन मेरा नंबर आने तक सुबह 11 बजे तक कैश खत्म हो गया। बैंक कर्मियों का कहना है कि शुरुआत में पैसा आ रहा था, इसलिए लोगों को दे दिया।
हालांकि शुक्रवार को हमारी ही ब्रांच के अकाउंट होल्डर आ रहे हैं और पैसा नहीं मिलने पर धमका कर चले जाते हैं। नोएडा के बिजनेसमैन केवल खुराना भी अपने अकाउंट से पैसे निकलवाने पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बैंक अब अपने ग्राहकों को टोकन देने के साथ समय दे रहा है।
मुझे सुबह आठ बजे टोकन लेना है, उसके बाद दस बजे आकर कैश लूंगा। हालांकि असुविधा हुई, लेकिन बिजनेस चेक आदि से चल रहा है। सिर्फ बैंकों में कैश कम होने से दिक्कत हुई है।