फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खुले व टूटे पैनल बॉक्स में दौड़ रहा करंट, सुध नहीं ले रहे अधिकारी, हादसे की आशंका

Sat, 21 Jul 2018 09:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नोएडा
विज्ञापन
खुले पैन बॉक्स में दौड़ता करंट - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

नोएडा के कई सेक्टरों में पैनल बॉक्स खुले पड़े हैं। वहीं, कुछ तो खराब ही हैं। इन पैनल बॉक्स के दरवाजे टूटे हैं। खुले होने की वजह से कोई भी बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसा नहीं है कि इन पर किसी अधिकारी की नजर नहीं गई।

विज्ञापन


मगर लापरवाही का आलम देखिये अब तक ना तो इन्हें ठीक करवाया गया और ना ही नये दरवाजे लगाए गए। कई बार बारिश के मौसम में खेलते वक्त कई बच्चे इनकी चपेट में आने से बच चुके हैं। लिहाजा जल्द से जल्द इन पैनलों पर प्राधिकरण को ध्यान देना होगा।

सेक्टर-52 स्थित अरावली अपार्टमेंट में मीटर एवं पैनल बॉक्स काफी समय से खराब पड़े हैं। आरडब्ल्यूए अध्यक्ष ओ पी यादव ने बताया कि प्राधिकरण से लेकर बिजली विभाग तक के अधिकारियों तक लिखित एवं फोन पर समस्याओं से अवगत करवाया गया है। लेकिन कोई सुनने के लिए तैयार नहीं है।
विज्ञापन


सेक्टर-100 निवासी पवन ने बताया कि बच्चों को पार्क में भेजने से डर लगता है। चूंकि यहां के पार्कों में खुले पैनल बॉक्स हैं। जिसकी चपेट में बच्चे कभी भी आ सकते हैं। सेक्टर-12, 22, 20, 19, 71, 46, 31, 27, 122 में पैनल बॉक्स का भी यही हाल है।

यहां भी बॉक्स जंग खाकर टूटे या खुले पड़े हैं। जिनके अंदर करंट दौड़ रहा है। वहीं, गांवों की बात करें तो यहां तार भी जर्जर हो चुके हैं। बिजली आंधी आने से यहां पर तार टूटना आम बात है। बिजली विभाग में लगातार शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

निवासियों की राय
सेक्टर में प्राधिकरण का कोई रुख नहीं है। यहां के पैनल बॉक्स जंग खाए पड़े हैं। जिस कारण वह पूरी तरह से टूट चुके हैं। काफी समय से इन्हें नहीं बदला गया है। इससे कभी भी हादसा हो सकता है।-शिव कुमार तिवारी, अध्यक्ष, सेक्टर-122 

पैनल बॉक्स की समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों से शिकायत की गई। लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। काफी समय से यहां बॉक्स खुले पड़े हैं।- सुशील यादव, अध्यक्ष, साईं अपार्टमेंट सेक्टर-71

शहर में बिजली पैनल बॉक्स बदलवाने के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। कुछ स्थानों के टेंडर हो गए हैं। बचे हुए स्थानों का टेंडर भी जल्द पास किया जाएगा।- विवेक अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता, यूपीपीसीएल

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें