हैरानी की बात ये रही कि वहां जब 11 कर्मियों के सेंपल लेकर कोरोना की जांच की गई, तो उनमें से 9 जवानों की रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इनमें भी एक सब-इंस्पेक्टर और एक हवलदार शामिल है। इसके बाद मयूर विहार स्थित 31वीं बटालियन में कोरोना को लेकर विशेष चौकसी बरती गई।
यहां पर कोरोना के कई पॉजिटिव केस आ चुके हैं। चार-पांच दिन पहले ही सिपाही राजेश शर्मा की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। सीआरपीएफ ने इस बटालियन के सभी कर्मियों से कहा है कि वे बताएं और उन लोगों की सूची बनाएं, जो उनके संपर्क में आए हैं।
साथ ही नरेला क्वारंटीन सेंटर में भेजे गए जवानों से भी यही बात पूछी जा रही है। बल ने अपनी सभी यूनिटों में विशेष सावधानी बरतने के आदेश जारी किए हैं। किसी बाहरी व्यक्ति के संपर्क में न आने की बात कही गई है।
कोरोनावायरस संक्रमण की वजह से देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल 'सीआरपीएफ' को अपना अस्पताल करना बंद करना पड़ा था। वजह, यहां के डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ ने इकराम हुसैन की कोरोना जांच की थी।
उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। नतीजा, अस्पताल के समस्त मेडिकल स्टाफ को क्वारंटीन में भेज दिया गया। चूंकि अब अस्पताल में कोई नहीं बचा था तो उसे आगामी आदेशों तक उसे बंद कर दिया गया है।