कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए देशभर में लॉकडाउन है। लोगों को हिदायत दी गई है कि वह घरों से बाहर न निकलें और भीड़ न जुटाएं, लेकिन इसके बाद भी लोग नहीं मान रहे हैं। महेंद्रा पार्क इलाके के जहांगीरपुरी में एक पादरी ने प्रार्थना के नाम पर अपने घर पर भीड़ जुटा ली। पुलिस ने पादरी समेत नौ लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं। इनमें कई महिलाएं भी शामिल हैं।
पुलिस के मुताबिक, महेंद्रा पार्क थाने में तैनात सिपाही नरेश व महिला सिपाही सोनिया ए-ब्लॉक, अग्रवाल स्वीट्स जहांगीरपुरी के पास गश्त पर थे। उन्हें सूचना मिली कि पादरी में अपने घर में भीड़ जुटा रखी है। इसके बाद पुलिस टीम ए-39, डीडीए फ्लैट, जहांगीरपुरी पहुंची। यहां पहले ही कोविड-19 की वजह से महामारी फैलने का खतरा फैला हुआ था।
घर पर छापेमारी करने के बाद पुलिस को वहां नौ लोग मिले। सभी अलग-अलग इलाकों से पादरी महेंद्र प्रताप (55) के घर में प्रार्थना के लिए आए हुए थे। पुलिस सभी को थाने ले गई। वहां सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर बाद में सभी को जमानत पर छोड़ दिया गया।
जहांगीरपुरी निवासी तबरेज खान पहले प्लाज्मा डोनर
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अपील के बाद राजधानी के जहांगीरपुरी इलाके में तबरेज खान पहले प्लाज्मा डोनर बने हैं। जहांगीर ने कोरोना को हराने के बाद प्लाज्मा थेरैपी के ट्रायल के लिए प्लाज्मा दिया है। इससे दो अन्य मरीजों की हालात में सुधार बताया जाता है।
तबरेज का कहना है कि आईएलबीएस अस्पताल में 10-10 मिनट के तीन चरणों में उनके रक्त से प्लाज्मा निकाला गया। इस दौरान न तो उन्हें किसी प्रकार का न ही दर्द हुआ और न ही डोनेशन के बाद कोई कमजोरी आई।