पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग की पत्नी आरती के फर्जी हस्ताक्षर कर एक फर्म ने साढ़े चार करोड़ का लोन ले लिया। इस फर्म में आरती भी पार्टनर है, लेकिन उन्होंने इसकी जानकारी नहीं होने का दावा किया है। फर्म ने लोन लेने के लिए जो दस्तावेज लगाए हैं, उसमें आरती के भी हस्ताक्षर हैं।
आरती सहवाग ने दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा में धोखाधड़ी की शिकायत की है, जिसके आधार पर पुलिस ने मां-बेटे समेत आठ के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
पुलिस को दी शिकायत में आरती ने बताया कि वह अशोक विहार के एक फर्म में पार्टनर बनी थी। लेकिन वह ज्यादा सक्रिय नहीं थी। 2016 में फर्म ने आरती व उनके पति वीरेंद्र सहवाग के नाम का इस्तेमाल करके साढ़े चार करोड़ का लोन ले लिया। लोन नहीं चुकाने पर संबंधित कंपनी ने फर्म पर केस कर दिया।
फर्म में पार्टनर होने के चलते आरती को भी नोटिस मिला। केस की सुनवाई के दौरान आरती साकेत कोर्ट पहुंची। जहां उन्हें पता चला कि लोन के एग्रीमेंट में उनके भी हस्ताक्षर हैं, जिसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।