फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, 100 से अधिक लोगों को बनाया शिकार 

Sat, 14 Dec 2019 09:15 PM IST
Avdhesh Kumar अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन
ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश कराने के नाम पर ठगी करने वाले गैंग के दो बदमाशों को दक्षिण जिला साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों की पहचान झारखंड निवासी विजय मासी (41) और गुरुग्राम निवासी मोहम्मद अबु तालीफ मंसूरी (27) के रूप में हुई है। आरोपी लोगों को निवेश के बदले मोटा ब्याज देने और कुछ दिनों में निवेश की रकम को दोगुना करने का झांसा देते थे। 
विज्ञापन


पुलिस के अनुसार आरोपियों ने बीते दो वर्ष में 100 से अधिक लोगों से पांच करोड़ रुपये की ठगी की। आरोपी फर्जी पते पर 15 बैंक खाते रखे थे। गैंग का सरगना विजय मासी ने नोएडा सेक्टर-62 में चार-पांच युवक-युवतियों को रखकर एक फर्जी कॉल सेंटर खोला हुआ था। पुलिस को इस मामले में कुछ अन्य आरोपियों की तलाश है।

दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि मई माह में नेब सराय थाने में मोहम्मद साजिद हुसैन नामक युवक ने 22 लाख रुपये ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। साजिद को राही नामक शख्स ने कॉल कर ऑनलाइन शेयर मार्केट में निवेश करने का प्रलोभन दिया। उसे हर माह 12 से 17 फीसदी ब्याज देने के अलावा कुछ समय बाद रकम दोगुना करने का झांसा दिया गया। 
विज्ञापन


साजिद ने 15 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने के अलावा सात लाख कैश आरोपियों को दिए। दो माह तक साजिद को ब्याज के रुपये मिले, लेकिन बाद में पैसे मिलने बंद हो गए। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी नोएडा से अपना दफ्तर भी बंद कर फरार हो गए।

मामला दर्ज करने के बाद लोकल पुलिस के अलावा जिले की साइबर सेल ने छानबीन शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि साजिद से लिए रुपयों को कई बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया था। इन बैंक खातों में पिछले दो सालों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर हुए थे। 

पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस व सीडीआर की मदद से आरोपियों की पहचान की। इसके बाद बृहस्पतिवार को एक सूचना के बाद पुलिस ने शेरेटन होटल, साकेत से आरोपियों को दबोच लिया। दोनों ने ठगी की बात कबूल कर ली। आरोपियों ने बताया कि अलग-अलग दफ्तर खोलकर कुछ समय बाद वे दफ्तर दूसरी जगहों पर शिफ्ट कर देते थे। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें