इनमें भगवान महावीर अस्पताल, महर्षि वाल्मीकि अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इबहास) शामिल हैं।
कोरोना महामारी के दौरान क्रिटिकल केयर सुविधाओं की कमी से हुई समस्याओं के मद्देनजर राजधानी के पांच बड़े अस्पतालों में क्रिटिकल केयर ब्लॉक तैयार किए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग ने कुल 400 बेड की क्षमता विकसित करने की प्रक्रिया शुरू की है।
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इनमें भगवान महावीर अस्पताल, महर्षि वाल्मीकि अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल और इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (इबहास) शामिल हैं। डीडीयू, महर्षि वाल्मीकि और भगवान महावीर अस्पताल में सौ-सौ बेड के ब्लॉक बनेंगे। बीएसए अस्पताल और इबहास में पचास-पचास बेड के ब्लॉक प्रस्तावित हैं।
इन सुविधाओं के लिए करीब 34 हजार वर्गमीटर क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है। इन ब्लॉकों को सामान्य दिनों में अस्पताल के साथ एकीकृत रूप से चलाया जाएगा। महामारी या अन्य स्वास्थ्य आपात स्थिति में इन्हें मुख्य अस्पताल से अलग किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य संक्रमण फैलने से रोकना और गंभीर मरीजों को अलग व्यवस्था देना है।
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प्रस्तावित क्रिटिकल केयर ब्लॉक में केवल आईसीयू नहीं होंगे। सौ बेड वाले ब्लॉक में बीस आईसीयू बेड और बीस एचडीयू बेड का सुझाव है। इसमें तीस बेड आइसोलेशन में रखे जाने वाले मरीजों के लिए होंगे। चार बेड डायलिसिस और दस इमरजेंसी के होंगे। चार बाल चिकित्सा आईसीयू और चार बाल चिकित्सा एचडीयू बेड भी इसमें शामिल होंगे। दो ऑपरेशन थिएटर और पॉइंट ऑफ केयर लैब जैसी अन्य व्यवस्थाएं भी प्रस्तावित हैं।