इसके बाद कांग्रेस पार्टी अलका लांबा के समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि, "अगर एेसा है, तो आपने सही करा अल्का जी राजीव जी देश के लिए शहीद हुए। हम उनकी क़ुर्बानी कैसे भूल सकते हैं? जो आज तक भाजपा भी नहीं कर पाई, वो भाजपा की B टीम, AAP ने कर दिया। आपके ट्वाट के साथ संलग्न प्रस्ताव, किसी भी शंका को दूर कर देती है। इस प्रस्ताव का हम तीव्र निंदा करते हैं।"
इस मामले पर बीजेपी भी आम आदमी के रुख को लेकर हमलावर हुई है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी में पूरी तरह से अंतर्विरोध है, कुछ नेता राजीव गांधी के पुरस्कार वापसी के प्रस्ताव पर पक्ष में हैं और कुछ विपक्ष में। मुख्यरूप से आम आदमी पार्टी कांग्रेस के दिशानिर्देश का पालन कर रही है, वो सिर्फ लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं।
आज दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल ने इस मामले में कहा कि सदन में 1984 सिख दंगा केस पर विचार करने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। जो वास्तविक प्रस्ताव में उसमें राजीव गांधी का कोई उल्लेख ही नहीं है। यह बात विधायक जरनैल सिंह ने अपनी स्पीच में जोड़ी थी। यह एक भावनात्मक मुद्दा है जिस पर बोलते वक्त भावनाओं में बह जाते हैं।
केजरीवाल को लिखा अलका लांबा के समर्थकों ने पत्र
अलका लांबा के इस्तीफे के कयासों के मद्देनजर उनके समर्थक अब सामने आ गए हैं। खबर है कि अलका के समर्थकों ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखकर लांबा का इस्तीफा स्वीकार न करने की बात कही है। कहा जा रहा है कि पत्र में समर्थकों के हस्ताक्षर भी हैं। जानकारी मिली है कि इस पत्र में लिखा है, क्या विधायक को इतना भी हक नहीं है कि वो अपने विचार रख सकें।