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राजीव गांधी सम्मान विवाद के बाद बोलीं अलका लांबा, मैं नहीं दे रही इस्तीफा

Sat, 22 Dec 2018 10:23 AM IST
अंकुर श्रीवास्तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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अलका लांबा - फोटो : ani
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पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को दिया गया भारत रत्न सम्मान वापस लेने के संकल्प को शुक्रवार दिन में दिल्ली विधानसभा में पारित करने वाली अरविंद केजरीवाल सरकार रात तक पलट गई। इस मुद्दे पर आम आदमी पार्टी (आप) में बवाल मच गया है। पार्टी ने संकल्प की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा करने वाली विधायक अलका लांबा से इस्तीफा मांग लिया है।

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इसके बाद अलका लांबा ने अपने ट्विटर लिखा, "आज दिल्ली विधानसभा में प्रस्ताव लाया गया की पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री राजीव गांधी जी को दिया गया भारत रत्न वापस लिया जाना चाहिये, मुझे मेरे भाषण में इसका समर्थन करने को कहा गया,जो मुझे मंजूर नही था,मैंने सदन से वॉक आउट किया। अब इसकी जो सज़ा मिलेगी,मैं उसके लिये तैयार हूँ।"
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इसके बाद कांग्रेस पार्टी अलका लांबा के समर्थन में उतर आई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय माकन ने कहा कि, "अगर एेसा है, तो आपने सही करा अल्का जी राजीव जी देश के लिए शहीद हुए। हम उनकी क़ुर्बानी कैसे भूल सकते हैं? जो आज तक भाजपा भी नहीं कर पाई, वो भाजपा की B टीम, AAP ने कर दिया। आपके ट्वाट के साथ संलग्न प्रस्ताव, किसी भी शंका को दूर कर देती है। इस प्रस्ताव का हम तीव्र निंदा करते हैं।"

इस मामले पर बीजेपी भी आम आदमी के रुख को लेकर हमलावर हुई है। दिल्ली विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी में पूरी तरह से अंतर्विरोध है, कुछ नेता राजीव गांधी के पुरस्कार वापसी के प्रस्ताव पर पक्ष में हैं और कुछ विपक्ष में। मुख्यरूप से आम आदमी पार्टी कांग्रेस के दिशानिर्देश का पालन कर रही है, वो सिर्फ लोगों को भ्रमित करना चाहते हैं।

आज दिल्ली विधानसभा के स्पीकर राम निवास गोयल ने इस मामले में कहा कि सदन में 1984 सिख दंगा केस पर विचार करने के लिए प्रस्ताव रखा गया था। जो वास्तविक प्रस्ताव में उसमें राजीव गांधी का कोई उल्लेख ही नहीं है। यह बात विधायक जरनैल सिंह ने अपनी स्पीच में जोड़ी थी। यह एक भावनात्मक मुद्दा है जिस पर बोलते वक्त भावनाओं में बह जाते हैं।

केजरीवाल को लिखा अलका लांबा के समर्थकों ने पत्र
अलका लांबा के इस्तीफे के कयासों के मद्देनजर उनके समर्थक अब सामने आ गए हैं। खबर है कि अलका के समर्थकों ने सीएम केजरीवाल को पत्र लिखकर लांबा का इस्तीफा स्वीकार न करने की बात कही है। कहा जा रहा है कि पत्र में समर्थकों के हस्ताक्षर भी हैं। जानकारी मिली है कि इस पत्र में लिखा है, क्या विधायक को इतना भी हक नहीं है कि वो अपने विचार रख सकें।

प्रेस कांफ्रेंस में दी सफाई
राजीव गांधी के भारत रत्न वापसी वाले प्रस्ताव पर हुए विवाद के बाद आज डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और सौरभ भारद्वाज ने प्रेस कांफ्रेंस कर यह साफ किया कि जो प्रस्ताव सदन में पेश किया गया था उसमें राजीव गांधी वाली बात नहीं थी। यह प्रस्ताव जरनैल सिंह ने अपनी तरफ से रखा था। हालांकि जब उनसे पूछा गया कि क्या अलका लांबा से इस्तीफा मांगा गया है तो वह बोले कि कोई इस्तीफा नहीं मांगा गया है। शनिवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि आम आदमी पार्टी का ऐसा कोई विचार नहीं है कि उनसे भारत रत्न वापस लिया जाए। आप नेता सौरव भारद्वाज ने कहा, 'विधानसभा में जो प्रस्ताव रखा गया, उसमें राजीव गांधी का कोई जिक्र नहीं था। सोमनाथ भारती ने उस प्रस्ताव में पैन से राजीव गांधी के बारे में कुछ लिख दिया और जनरैल सिंह को दे दिया। जनरैल सिंह ने उसे पढ़ दिया।

भारद्वाज ने कहा, 'मूल लेख सदन में पेश किया गया था, पूर्व प्रधानमंत्री के संबंध में पंक्तियां उसका हिस्सा नहीं थीं। साथ ही उन्होंने कहा कि यह एक सदस्य का हस्तलिखित संशोधन प्रस्ताव था जिसे इस प्रकार से पारित नहीं किया जा सकता। आप विधायक जरनैल सिंह ने कहा, 'यह (राजीव गांधी से भारत रत्न वापस ले लिया जाए) मूल प्रस्ताव का हिस्सा नहीं था, यह मेरी भावना थी और मैंने यह कहा। तकनीकी रूप से यह नोटिस में नहीं था।
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अलका लांबा आई सामने
राजीव गांधी सम्मान वापसी विवाद के बाद पहली बार सामने आई अलका लांबा ने कहा कि वह कोई इस्तीफा नहीं दे रही हैं।
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