नोट: खबर सोनीपत के लिए भी उपयोगी है
-दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने आरोपी को रोहिणी सेक्टर-36 के पास बरवाला चौक से दबोचा
-पुलिस टीम पर बदमाश ने चला दी थी गोली, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में की फायरिंग
-आरोपी की टांग में लगी गोली, आरोपी हत्या के मामले में काट रहा था उम्र कैद
-ग्रेनेड मिलने के मामले में हुई थी 10 साल की सजा, पेरोल पर बाहर आकर हो गया था गायब, पिस्टल व बाइक बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने मुठभेड़ के बाद टिल्लू ताजपुरिया और कौशल चौधरी गिरोह के एक बदमाश को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहाना, सोनीपत, हरियाणा निवासी रॉबिन उर्फ बबलू उर्फ रोहित उर्फ राम (40) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस व बाइक बरामद की है। मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है। फिलहाल उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। आरोपी हत्या के दो मामलों और ग्रेनेड रखने के एक मामले में सजा काट रहा था। पिछले साल पेरोल पर उसे कुछ दिनों के लिए बाहर आया था, लेकिन आरोपी ने सरेंडर नहीं किया। मार्च 2026 में अदालत ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त नर्रा चैतन्य ने बताया कि लगातार उनकी टीम फरार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस बीच मंगलवार शाम टीम को खबर मिली कि हत्या समेत कई मामलों में सजायाफ्ता आरोपी रोहिणी सेक्टर-36 बरवाला चौक के पास आने वाला है। खबर मिलने के बाद फौरन एक टीम का गठन किया गया।इस बीच रात करीब 10.25 बजे पुलिस ने बाइक सवार को रुकने का इशारा किया। आरोपी ने पुलिस को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में एक गोली चलाई, जिससे आरोपी रॉबिन जख्मी हो गया। उसकी टांग में गोली लगी। उसे फौरन काबू कर अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने उसके पास से एक पिस्टल, तीन कारतूस व बाइक बरामद की है। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी अविवाहित है। वर्ष 2008 में वह एक लड़की से प्रेम करता था। लड़की की मां इसका विरोध करती थी। लड़की की मां के कहने पर मुन्ना सिंह नामक शख्स ने रॉबिन व लड़की को डांट दिया। रॉबिन ने गोली मारकर मुन्ना सिंह की हत्या कर दी। बाद में रॉबिन को गिरफ्तार कर लिया गया।
उसे मामले में उम्र कैद की सजा हो गई। हत्याकांड में लड़की का भाई मुख्य गवाह था। अप्रैल 2015 में पेरोल पर बाहर आने के बाद रॉबिन ने लड़की के भाई की भी गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद वह फरार हो गया। 2015 में ही पुलिस ने रॉबिन व अन्यों को अलीपुर से ग्रेनेड, 6 पिस्टल व 13 कारतूस के साथ गिरफ्तार किया।