दनकौर कोतवाली क्षेत्र के सलारपुर के ग्राम प्रधान अखिलेश नागर के भाई उमेश नागर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उमेश फाइनेंस का काम करता था।
शनिवार को वह गाजियाबाद के नीतिखंड-इंदिरापुरम निवासी अमित से 4.30 लाख रुपये वापस लेने की बात कहकर घर से निकला था।
रविवार शाम करीब 5 बजे उसकी लाश मसूरी थाना क्षेत्र में आईएमएस कॉलेज के सामने सड़क किनारे खड़ी कार में मिली। उसके सिर और माथे पर दो गोलियां मारकर हत्या की गई थी।
परिजनों के अनुसार उमेश शनिवार को अपनी पत्नी-बच्चों को लेकर नोएडा के बरौला स्थित अपनी ससुराल में गया था। वहां से इंदिरापुरम पैसे लेने की बात करके वह अपनी कार से निकला था।
शनिवार रात 9:45 बजे उमेश ने अपने भाई को फोन पर बताया था कि वह रुपये लेकर निकल गया। मगर रात 11 बजे तक जब वह न अपने गांव पहुंचा और न ही बरौला तो परिजन घबरा गए।
उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिला। रविवार सुबह ही ग्राम प्रधान अखिलेश नागर ने उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। दनकौर थाना प्रभारी प्रवीन यादव ने बताया कि उमेश के मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करते हुए पुलिस गाजियाबाद के मसूरी थाना क्षेत्र पहुंची।
वहीं एनएच-24 के किनारे खड़ी कार से उमेश की लाश बरामद हो गई। उमेश का एक मोबाइल कार से बरामद हुआ है, जबकि 4.30 लाख की नगदी और एक मोबाइल गायब है।
सूचना मिलते ही मसूरी पुलिस भी मौके पर पहुंची। मसूरी थाना प्रभारी वीरेंद्र यादव का कहना है कि परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रुपयों के लालच में हत्या
ग्राम प्रधान अखिलेश और फाइनेेंसर का काम करने वाले उमेश का छोटा सा परिवार है। एक भाई ग्राम प्रधान के अलावा लोगों की सेवा करता है तो दूसरा भाई फाइनेंसर का काम करके व्यापार कर रहा था। पिछले कुछ दिन से एक बैंक कर्मचारी के संपर्क में उमेश आया था। आशंका है कि रुपयों के लालच में उसी ने उसकी हत्या न कराई हो।