सेक्टर-चार स्थित कावेरी और शिप्रा टॉवर में रह रहे 120 परिवारों के लिए सरकारी तंत्र की लापरवाही भारी पड़ गई। तीन दिन से इन परिवारों को न तो बिजली मिली है न पानी। टॉवर से ऊपर-नीच आने में बुजुर्ग और बच्चों को खासी दिक्कत आ रही है।
बच्चों को स्कूल जाने में परेशानी आ रही। इन टॉवरों में रह रहे आयकर विभाग के कर्मचारियों में गुस्सा बढ़ रहा है। उनका कहना है कि उन्होंने समय पर टैक्स दिया, लेकिन केंद्रीय उत्पादन एवं सीमा शुल्क विभाग ने भुगतान नहीं किया। कर्मचारियों ने अफसरों के खिलाफ जांच की मांग की।
वैशाली सेक्टर-4 में वित्त मंत्रालय ने जीडीए से सरकारी कर्मचारियों के आवास के लिए टॉवर खरीदे थे। इनके फ्लैटों की देखरेख की जिम्मेदारी केंद्रीय लोक निर्माण विभाग की है।
जिसके लिए कें द्रीय उत्पादन एवं सीमा शुल्क विभाग से हर वर्ष फंड दिया जाता है, लेकिन इस बार लोक निर्माण विभाग को फंड नहीं दिया गया। इससे बुधवार को लोक निर्माण विभाग ने सारी सुविधाएं बंद कर दी।
ऐसे में रेजीडेंट्स नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। आरडब्ल्यूए का कहना है कि समस्या को लेकर शुक्रवार को संबंधित विभाग को पत्र दिया गया है, लेकिन कोई आश्वासन नहीं मिला।