पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में पति की बेवफाई से सदमे में आई एक महिला ने फांसी लगाकर जान दे दी। शादी के बाद उसे पता चला कि उसका पति पहले से शादीशुदा है। सुसाइड नोट में उसने पति व पहली पत्नी को मौत का जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस के मुताबिक काजल गुप्ता (23) परिवार के साथ सी-17, पालम नगर गणेश नगर, मंडावली में रहती थी। डीयू से ग्रेजुएशन करने के बाद वह नौकरी की तलाश कर रही थी। इस बीच अगस्त 2015 में उसकी मुलाकात अंकित से हुई। अंकित लोन दिलाने का काम करता था। उसने काजल को घर से ही टेली-कॉलर की नौकरी दे दी।
काजल लोन के लिए घर से ही कॉल करने लगी। इस बीच काजल और अंकित की नजदीकी बढ़ गई। दोनों ने पिछले साल 20 नवंबर को शादी कर ली। शादी के समय अंकित ने खुद को अनाथ बताया था। काजल की मां ने दोनों को रहने के लिए अपने घर के पास एक फ्लैट दिलवा दिया था। इसके बाद दोनों साथ रहने लगे।
इस बीच 23 अप्रैल 2016 को काम से जाने की बात कर अंकित गायब हो गया। तलाश करने के बाद काजल 24 अप्रैल को मंडावली थाने पहुंची। इस बीच छानबीन के बाद पता चला कि अंकित पहले से शादीशुदा है। वह अपनी पत्नी निशा व तीन साल की बेटी के साथ सिरसपुर, समयपुर बादली में रहता है।
काजल के शव को रोड पर रख कर हंगामा करते लोग
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काजल ने अपने पति को वापस लाने का खूब प्रयास किया लेकिन निशा व अंकित उसे धमकाते रहे। इसी बात से परेशान होकर बृहस्पतिवार दोपहर को काजल ने अपनी मां के घर पर फांसी लगा ली। काजल के पास पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। इसमें काजल ने पति व पहली पत्नी निशा को मौत के लिए जिम्मेदार बताया। साथ ही इनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस के खिलाफ फूटा गुस्सा, लगाया जाम
23 अप्रैल को जब अंकित गायब हुआ तो काजल मंडावली थाने पहुंची। वहां उसने अपने पति की गुमशुदगी दर्ज कराने का प्रयास किया। मंडावली पुलिस ने उससे मामला प्रशांत विहार का होने की बात कहकर वहां भेज दिया। किसी भी थाने में उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। जब बृहस्पतिवार को काजल ने फांसी लगा ली, तो भी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। गुस्साए परिजनों ने करीब दो बजे काजल का शव गणेश नगर चौक पर रखकर जाम लगा दिया। करीब एक घंटा यातायात प्रभावित रहा। मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया।