नई दिल्ली के जाफराबाद में बुधवार रात गैंगवार में दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। हमलावरों ने 20 से 25 राउंड गोलियां चलाईं। मृतकों की शिनाख्त मो. इमरान सिद्दीकी उर्फ छोटू (25) और मो. कमर (35) के रूप में हुई है। हमले में इनका साथी राशिद (28) भी गोली लगने से जख्मी हो गया।
पुलिस सूत्रों की मानें तो इमरान व कमर हत्याकांड, गैंगस्टर नासिर उर्फ खैबर हैयात व इरफान उर्फ छेनू गैंग के बीच एक दशक से भी ज्यादा समय से चल रही गैंगवार का नतीजा है। पुलिस को घटनास्थल से एक पिस्टल मिली है। जाफराबाद थाना पुलिस हत्या का मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
उत्तर-पूर्वी जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्याकांड जाफराबाद की गली नंबर-48 में हुआ। रात 11 बजे एक ही बाइक पर इमरान, कमर व राशिद यहां पहुंचे थे। जैसे ही यह चाय की दुकान के पास पहुंचे, तो वहां पहले से दो बाइक पर सवार चार-पांच युवकों ने तीनों पर गोलियां बरसा दीं।
राशिद एक गोली लगने के बाद भाग गया, जबकि बदमाशों ने इमरान व कमर को वहीं गिराकर उनके सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में गोलियां मार दीं। कमर को चार गोलियां पेट, तीन सिर व दो टांग में लगीं, इमरान को दो सिर व तीन सीने में लगीं।
राहगीरों ने मामले की सूचना पुलिस को दी।
घायलों को जीबीटी अस्पताल में कराया गया भर्ती
डेमो पिक
इमरान, राशिद व कमर को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया, जहां इमरान को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, कुछ ही देर में कमर ने भी दम तोड़ दिया, जबकि राशिद को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि इमरान व कमर दोनों ही इरफान उर्फ छेनू गैंग के सदस्य थे। नासिर गैंग के गुर्गों ने घात लगाकर दोनों की हत्या की है। दरअसल, 2004 से छेनू व नासिर के बीच गैंगवार चली आ रही है।
नासिर व छेनू दोनों ही फिलहाल जेल में बंद हैं। आरोप है कि 16 फरवरी, 2015 को छेनू के कहने पर मो. कमर ने अमरोहा, हसनपुर (यूपी) में अपने साथियों के साथ मिलकर शाहनवाज, अरशद और माजिद उर्फ भूरा की हत्या कर दी थी।
डॉ. अजीत कुमार सिंगला, पुलिस उपायुक्त, उत्तर-पूर्वी जिला ने बताया इमरान व कमर दोनों के खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज थे। कमर सीलमपुर थाने का बीसी था, फिलहाल दोनों की हत्या किसने और क्यों की, इसका पता लगाया जा रहा है।