दो वर्षीय बच्ची के नाले डूबकर दर्दनाक मौत हो गई
- फोटो : अमर उजाला
जाफराबाद में दो साल की बच्ची की गहरी नाली में गिरने से जान चली गई। मृतका की शिनाख्त सृष्टि के रूप में हुई है। हादसा पिता की मौजूदगी में हुआ। शुरुआत में उसने बेटी को यहां-वहां ढूंढा, लेकिन एक बच्ची के बताने पर नाली में ढूंढते ही मासूम का शव बरामद हो गया।
पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। बुधवार को पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से औरेया (यूपी) के अजीतमल गांव का रहने वाला अनिरुद्ध प्रताप सिंह यहां परिवार के साथ गली नंबर-4, कच्ची कॉलोनी, मौजपुर में रहता है।
परिवार में पत्नी आरती, आठ साल की बेटी गरिमा और सृष्टि थी। अनिरुद्ध मौजपुर स्कूल के पास सब्जियां बेचता है। इसी स्कूल में उसकी बेटी गरिमा दूसरी कक्षा में पढ़ती है। मंगलवार सुबह अनिरुद्ध गरिमा व सृष्टि को लेकर स्कूल आया था।
बच्ची नाली में गिरी और पिता को पता भी नहीं चला
मृत बच्ची की फाईल फोटो
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गरिमा को स्कूल छोड़ने के बाद वह सब्जियां ठीक से लगाने लगा। सृष्टि पास में खड़ी थी। वहीं बिल्कुल पास ही नाली का कुछ हिस्सा सफाई के लिए खुला हुआ था। अचानक सृष्टि उसमें गिर गई और अनिरुद्ध को इसका पता नहीं चला।
उसे लगा कि सृष्टि पास में कहीं चली गई है। वह ढूंढने लगा। करीब 15 मिनट बाद एक बच्ची ने बताया कि थोड़ी देर पहले एक छोटी बच्ची नाली में गिरी है। फौरन उसकी तलाश की गई। अनिरुद्ध खुद नाली में घुसकर बेटी को तलाश करने लगा। इधर, नाली पर ढंके हुए पत्थरों को हटाया गया तो कुछ दूर नाली से सृष्टि का शव बरामद हो गया।
नाली पर लगती है सब्जी मंडी
घटनास्थल पर अफरा तफरी।
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पुलिस अधिकारी ने बताया कि मौजपुर निगम स्कूल के बाहर रोज सब्जी मंडी लगती है। करीब डेढ़ फुट चौड़ी और ढाई फुट गहरी नाली पर पत्थर लगे हैं, उसी के ऊपर मंडी लगती है। नाली को कहीं-कहीं से सफाई के लिए खुला रखा हुआ है। अनिरुद्ध खुली जगह के पास सब्जियों की दुकान लगाता है। सृष्टि उसी जगह पर गिरी और हादसे का शिकार हो गई।
17 को था सृष्टि का जन्मदिन
सृष्टि के घर में मातम का माहौल है। इसी 17 दिसंबर को उसका जन्मदिन था। अनिरुद्ध के एक रिश्तेदार ने बताया कि शादी के करीब आठ साल बाद अनिरुद्ध के यहां बड़ी बेटी गरिमा पैदा हुई थी। उसके बाद दूसरी बेटी सृष्टि हुई। अनिरुद्ध दोनों बच्चियों को अच्छे तरीके से पालने के लिए दिल्ली आया था।