राज्य चौकसी ब्यूरो की टीम ने शुक्रवार की सुबह पालम विहार क्षेत्र में छापेमारी की। टीम ने बिजली विभाग के लाइनमैन व सहायक लाइनमैन को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया। टीम ने उनके कब्जे से आठ हजार रुपये बरामद हुए हैं। दोनों पर नए कनेक्शन के बदले में घूस लेने का आरोप है।
विजिलेंस के सब इंस्पेक्टर भूपेंद्र ने बताया कि न्यू पालम विहार निवासी एक व्यक्ति ने विजिलेंस में शिकायत दी कि उन्हें बिजली का नया कनेक्शन लेना था। इसके लिए लाइनमैन रिश्वत मांग रहा है। विजिलेंस की टीम ने महावीर को केमिकल लगी रकम देने के लिए दिया और शुक्रवार के दिन लाइनमैन को घर बुलाने की योजना बनाई।
पहले से तैयार लाइनमैन अपने सहायक के साथ महावीर के न्यू पालम विहार स्थित मकान पर पहुंच गया। इसके बाद जैसे ही महावीर ने दोनों को रकम दी। दोनों लाइनमैन को विजिलेंस की टीम ने दबोच लिया। दोनों की पहचान लाइनमैन धर्मबीर व सहायक लाइनमैन सुरेश कुमार के रूप में हुई है।
टीम ने अपने साथ छापेमारी में ड्यूटी मजिस्ट्रेट इटीओ जितेंद्र राघव को बनाया हुआ था, जो टीम के साथ ही मौजूद रहे। विजिलेंस ने आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार अधिनिसम के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
एसीपी पर घूस मांगने का आरोप, जांच में जुटी विजीलेंस
पटौदी के रहने वाले एक व्यक्ति ने एसीपी पर 20 हजार रुपये घूस मांगने का आरोप लगाया है। विजिलेंस टीम एसीपी के गनमैन को हिरासत में लेकर जांच में जुटी है। विजिलेंस के डीएसपी जयबीर राठी ने बताया कि हरकेश नाम के व्यक्ति ने शिकायत दी है कि एसीपी पटौदी मारपीट के मामले में दोषी को बाहर निकालने के नाम पर 20 हजार रुपये घूस मांग रहे हैं(
इसके बाद सोहना तहसीलदार नरेश के नेतृत्व में छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान विजिलेंस को कुछ नहीं मिला। इसके बाद विजिलेंस उनके गनमैन साहब सिंह को हिरासत में लेकर छानबीन शुरू कर दी। जांच अधिकारी ने बताया कि जिस मामले की शिकायत की गई है। वह पहले से ही निरस्त हो चुका है। इसके साथ ही यह देखा जा रहा है कि उक्त मामला एसीपी पटौदी के पास था अथवा नहीं।
प्लॉट के नाम पर एक करोड़ की ठगी
गुड़गांव। उल्लावास गांव के पास प्लाट देने के नाम पर एक करोड़ की ठगी का मामला प्रकाश मेें आया है। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद डीएलएफ फेस दो थाना पुलिस ने एबीडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी प्रबंधन के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
सेक्टर 15 में रहने वाले उद्यमी जेएन मंगला ने चार साल पहले एबीडब्ल्यू इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी के प्रोजेक्ट में प्लॉट बुक किया था, जिसके बदले में एक करोड़ रुपये का भुगतान किया। कंपनी ने अब तक न तो प्लाट दिया न ही पैसा। आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद डीएलएफ फेस दो थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।