पूरे मामले में मृतक के पति घई ने डॉक्टरों पर गैर जिम्मेदाराना रवैया होने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी थी। जिसमें पांच सदस्यीय मेडिकल बोर्ड गठित किया गया था। जांच में बोर्ड ने डॉक्टरों को इलाज में लापरवाही का दोषी पाया।
इस रिपोर्ट में बोर्ड ने कहा कि डॉक्टरों ने मरीज को हार्ट अटैक होना बताया लेकिन समय पर जीवन रक्षक दवाइयां नहीं देने की लापरवाही सामने आई।
मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने 20 फरवरी को फोर्टिस के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन मालविंद्र मोहन, डॉक्टर एसएस मूर्ती, डॉक्टर रविंद्र, डॉक्टर वी नागाराजू व डॉक्टर राजीव नायर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
इस मामले में पुलिस की तरफ से गठित एसआईटी ने जांच पड़ताल में डॉक्टरों को आरोपी मानते हुए शुक्रवार को कार्रवाई की, जिसमें दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया। जहां कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें जमानत मिल गई।
एसआईटी इंचार्ज इंस्पेक्टर गौरव फोगाट ने बताया कि मेडिकल रिपोर्ट के आधार पुलिस ने दो डॉक्टरों को गिरफ्तार किया। अभी मामले की जांच चल रही है जल्द ही और भी कार्रवाई संभव है।