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गैर इरादतन हत्या में एक परिवार के तीन को कैद

Wed, 21 May 2014 11:26 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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गैर इरादतन हत्या के मामले में एक महिला समेत एक परिवार के तीन सदस्यों को सात साल कैद की सजा सुनाई है।
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दोषियों ने एक शख्स के घर में घुसकर उसकी डंडो व ईंटों से पिटाई की थी जिससे उसे दिल का दौरा पड़ा और उसकी मौत हो गई। मामला बाहरी दिल्ली के नरेला इलाके का है।

रोहिणी जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रजनीश भटनागर ने बाकनेर नरेला निवासी नरेश, पत्नी पूनम व सतीश को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराते हुए सात साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर दस-दस हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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अदालत ने अपने फैसले में कहा कि केस के साक्ष्यों व मृतक प्रदीप को लगी चोटों की मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर कहा जा सकता है कि दोषियों को इस बात की जानकारी थी कि उनकी मार से पीड़ित की मौत हो सकती थी लेकिन यह मंशा अभियोजन पक्ष ने साबित नहीं की।

अभियोजन के मुताबिक मृतक प्रदीप की मां शीला ने नरेला थाने में 27 नवंबर 2011 रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायतकर्ता का कहना था कि जब वह और उसकी बहू दोपहर के समय बाजार गए थे तो आरोपी उसके घर में घुसे और प्रदीप से मारपीट की।

शिकायतकर्ता व उसकी बहू जब घर पहुंचे तो उन्होंने देखा कि आरोपियों ने उसके बेटे प्रदीप को डंडों से पीट रहे थे। शीला को देखकर आरोपी मौके से फरार हो गये। प्रदीप को उसके मां ने अस्पताल में भर्ती करवाया था।
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अस्पताल से प्रदीप को उसी रात छुट्टी मिल गई थी। अगले दिन उसे दर्द की शिकायत हुई और उल्टियां शुरू हो गईं। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। अदालत ने डॉक्टरों की राय का हवाला देते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा मृतक की पिटाई और अस्पताल ले जाने से उसे तनाव हुआ और इससे उसके दिल ने काम करना बंद कर दिया जिससे उसकी मौत हो गई।
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