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मुठभेड़ के बाद तीन बदमाश दबोचे गए

Mon, 02 Jan 2017 03:24 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : demo
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महरौली इलाके में गत 21 दिसंबर को सरकारी शराब के ठेके पर तैनात असिस्टेंट मैनेजर की हत्या करने के मामले में पुलिस ने उत्तम नगर में मुठभेड़ के बाद तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
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आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी पंकज शर्मा (41), विवेक कश्यप (20) और गांव बड़ा लालपुर, फिरोजाबाद यूपी निवासी धर्मेंद्र यादव (22) के रूप में हुई है। गिरफ्तारी के समय पंकज ने स्पेशल स्टाफ टीम पर गोली चला दी थी।

गनीमत यह रही कि गोली इंस्पेक्टर जीत सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी और जान बच गई। जवाबी फायरिंग के बाद आरोपी पंकज व धर्मेंद्र को काबू किया। बाद में इनकी निशानदेही पर विवेक को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, तमंचा, 23 कारतूस, एक चाकू व वारदात में इस्तेमाल सेंट्रो कार बरामद की है।
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दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त ईश्वर सिंह ने बताया कि 20 दिसंबर की रात को यूसुफ सराय मार्केट में सरकारी शराब के ठेके पर तैनात असिस्टेंट मैनेजर ब्रिज भूषण प्रसाद अपनी वैगनआर कार से घर राजपुर विस्तार, छतरपुर लौट रहे थे।

इस बीच घर के पास अज्ञात कार सवार चार-पांच बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। महरौली थाने में हत्या का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। छानबीन के दौरान पुलिस को हत्या का कोई ठोस कारण का पता नहीं चल सका।

लोकल पुलिस के अलावा स्पेशल स्टॉफ को भी छानबीन के लिए लगाया गया। पुलिस को घटनास्थल से एक सीसीटीवी फुटेज मिली, जिसमें बदमाशों की हल्की झलक दिखाई दी। उसके आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की, लेकिन कामयाबी हाथ नहीं लगी।

इधर, जांच के दौरान पुलिस ने यूसुफ सराय में जहां पर ब्रिज भूषण का शराब का ठेका था, वहां की छानबीन की। जांच के दौरान पता चला कि घटना वाले दिन से रेस्त्रां पर काम करने वाले कुछ डिलीवरी ब्वॉय गायब हैं। पुलिस ने उनका पता किया। जांच के दौरान कुछ लोगों की पहचान हुई। इस बीच शनिवार रात को पुलिस को सूचना मिली कि वारदात में शामिल कुछ बदमाश मोहन गार्डन, उत्तम नगर में आने वाले हैं।

सूचना के बाद इंस्पेक्टर हीरा लाल, जीत सिंह, एसआई सत्येंद्र खारी, राजीव बिमल व अन्य की टीम मौके पर पहुंची। घटना स्थल पर पुलिस को देखते ही एक बदमाश ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। एक गोली जीत सिंह की बुलेट प्रूफ जैकेट पर लगी। पुलिस ने भी एक गोली हवा में चलाकर पंकज व धर्मेंद्र नामक दो बदमाशों को काबू कर लिया। इनकी निशानदेही पर बाद में विवेक कश्यप को साकेत इलाके से दबोच लिया गया।

लूट के लिए की गई हत्या
विवेक कश्यप ने बताया कि वह शराब के ठेके के पास एक रेंस्त्रा में काम करता था। अक्सर ठेका बंद होने के समय वह वहां किसी ग्राहक या अपने किसी साथी की शराब खरीदने जाता था। ठेका बंद करने के समय ब्रिज भूषण कैश गिन रहा होता था। ठेका बंद होने के बाद ब्रिज भूषण बैग में कुछ ले भी जाता था। विवेक को लगा कि ब्रिज भूषण कैश लेकर अपनी कार से घर जाता है। यह जानकारी उसने अपने रिश्ते के जीजा पंकज को बताया, जो कि पालम इलाके का घोषित बदमाश है। ब्रिज भूषण को लूटने की योजना बनाई गई। 19 दिसंबर को भी प्रयास किया गया, लेकिन वह सफल नहीं हो सके। 20 दिसंबर की देर रात को घर के पास ही ब्रिज भूषण की कार रोककर उसकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। बाद में एक बैग भी कार से लूटा गया, लेकिन बदमाशों को उसमें कुछ मिला नहीं। पुलिस को मामले में दो अन्य आरोपियों की तलाश है।
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