बर्फ फैक्ट्री में हुई अमोनिया गैस के रिसाव ने प्रशासन के इंतजामों की पोल खोल दी। रात साढ़े आठ बजे से शुरू हुआ रिसाव रोकने के लिए पुलिस और फायर ब्रिगेड की पांच टीमें लगी रहीं। लेकिन रिसाव बंद नहीं हो पाया।
हजारों की आबादी देर रात तक परेशान होती रही। लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने लोगों को समझाकर हालात संभाले।
आखिरकार रात 12 बजे पड़ोसी फैक्ट्री के ऑपरेटर की मदद से रिसाव बंद कराया। तब जाकर लोगों ने राहत की सांस ली।
इससे पहले रिसाव से दो किलोमीटर तक फैली आबादी में हड़कंप मचा था। आंखों में जलन से आंसू निकल रहे थे। घर छोड़कर लोग सड़कों पर पहुंच गए।
वजह जानने फैक्ट्री के नजदीक पहुंचे, मगर वहां आंखों में जलन और बढ़ गई तो वहां से इधर-उधर भागे। पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पहुंची पर शुरू में आंखों में जलन से उसके भी होश उड़ गए। हालांकि फायर ब्रिगेड के पहुंचने पर पुलिस गैस रिसाव रोकने में जुट गई। फैक्ट्री के कर्मचारी भी फैक्ट्री से भाग गए थे।
यह पहला वाकया नहीं है, जब अमोनिया गैस रिसाव ने लोगों के आंसू निकाले हों। 28 नवंबर 2014 को साहिबाबाद इंडस्ट्रियल एरिया की एक मीट फैक्ट्री में अमोनिया लीक हुई थी।
फैक्ट्री कर्मचारी चपेट में आकर बेहोश हो गए थे। इसी फैक्ट्री में 16 जून 2015 को दोबारा गैस लीक हुई थी, चपेट में आकर पांच महिला कर्मचारी बेहोश हो गई थी।
रेनू की बिगड़ी तबियत
रेनू की हालत गंभीर हो गई, जिसे लोगों ने नजदीक के अस्पताल में भर्ती कराया। उसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। बाकी लोगों को पानी की छींटे देने पर होश आ गया।
फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियां मंगवाई गईं
बर्फखाने से गैस निकलने का पता लगने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मेडिकल एक्सपर्ट से जानकारी ली, जिस पर गैस का असर कम करने के लिए पानी के छिड़काव के बारे में कहा गया। फायर ब्रिगेड की पांच गाड़ियों को मंगाया गया, जो लगातार छिड़काव कर रही हैं।
इन कालोनियों के लोगों को खतरा
देशराज नगर, नाईपुरा, सरस्वती विहार, लक्ष्मी गार्डन, प्रेम नगर कालोनियों तक गैस फैल चुकी है, जिससे यहां रहने वाले लोगों को डॉक्टरी मदद की जरूरत है। क्योंकि अमोनिया के संपर्क में आने से लंबे समय में प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।
जान ले सकती है अमोनिया गैस
अमोनिया जान भी ले सकती है। डॉक्टरों की मानें तो अमोनिया तुरंत नहीं बल्कि कुछ समय बीतने के बाद भी अपना असर दिखाती है। यह शरीर के कुछ अंगों को शिथिल कर देती है जिससे पीड़ित को लकवा तक मार सकता है।
सीनियर सर्जन डा. दीपक जैन ने बताया कि अमोनिया सांस के साथ लेने पर फेफड़े, खून और दिमाग पर असर करती है।
फेफड़े झुलस सकते हैं और खून में मिलने पर शरीर के अंगों में कमजोरी आ सकती है। खून के जरिए अगर अमोनिया दिमाग तक पहुंच गई तो लकवा मार सकता है।