दुष्कर्म के मामले में कथित पीड़िता ने जिस अश्लील वीडियो को केस का आधार बनाया था, उसी वीडियो ने आरोपी को बरी करवा दिया। पीड़िता का आरोप था कि नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर उससे दुष्कर्म हुआ और आरोपी ने मोबाइल से अश्लील वीडियो बनाया। मामला पूर्वी दिल्ली के विवेक विहार इलाके का है। कोर्ट ने मामले की सुनवाई के दौरान वीडियो देखा तो लड़की के झूठ की पोल खुल गई, क्योंकि इसमें वह अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाती दिख रही थी। उसका आरोप था कि आरोपी इस वीडियो के सहारे उसे धमकी देकर दुष्कर्म करता रहा।
कड़कड़डूमा अदालत की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सरिता बीरबल ने झिलमिल निवासी मोबाइल कारोबारी सतबीर कालरा उर्फ प्रिंस को दुष्कर्म के आरोपों से साक्ष्यों के अभाव व पीड़िता की विरोधाभासी गवाही के मद्देनजर बरी कर दिया। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि पीड़िता की गवाही पर आरोपी को दोषी ठहराना सही नहीं होगा। केस के तथ्यों के मद्देनजर यह नहीं कहा जा सकता कि पीड़िता को धमकी देकर उससे शारीरिक संबंध बनाए। ऐसे हालात में यह कहा जा सकता है कि दोनों के बीच शारीरिक संबंध सहमति से बने थे।
पेश मामले में बहस करते हुए बचाव पक्ष के अधिवक्ता मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि पीड़िता ने डेढ़ साल बाद एफआईआर करवाई थी। पीड़िता ने नशीला पदार्थ पिलाकर दुष्कर्म करने व वीडियो बनाने का आरोप लगाया है जबकि वीडियो में वह अपनी मर्जी से शारीरिक संबंध बनाती नजर आ रही है। पीड़िता ने अपने मोबाइल से आरोपी को 1480 बार कॉल की और दोनों के बीच करीब 115 घंटे बात हुई। इसके अलावा पीड़िता ने 470 मोबाइल संदेश भेजे। दोनों के बीच दोस्ती थी, इसलिए आरोपी ने भी 370 बार कॉल की थी।
अभियोजन के मुताबिक पीड़िता जुलाई, 2014 में आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म व चोरी की एफआईआर दर्ज करवाई थी। उसका आरोप था कि आरोपी ने फरवरी, 2013 में पहली बार उससे दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी उसके घर आने लगा और वहां परिजनों की गैर हाजिरी में दुष्कर्म करता रहा।