लेबरा डोर डॉगी को लेकर बुधवार को दो परिवार आमने-सामने आ गए। एक परिवार मसूरी का था और दूसरा गोविंदपुरम का। दोनों डॉगी को अपना बताते रहे।
मामले ने तूल पकड़ा तो दोनों पक्ष डॉगी को लेकर कविनगर थाने पहुंच गए। घंटों की माथापच्ची और सुबूत देखने के बाद गोविंदपुरम की फैमिली को डॉगी सुपुर्द कर दिया गया।
मसूरी के आकाश नगर निवासी एक परिवार ने 15 अगस्त को मसूरी थाने में शिकायत की थी कि उनका डॉगी (लेबरा डोर) जिसका नाम टफी है, घर से गायब हो गया है।
मंगलवार शाम परिवार का एक सदस्य गोविंदपुरम में आया तो उसे एक डॉगी दिखा, जिसे घर के बाहर एक युवक लेकर खड़ा था। डॉगी को उसने टफी समझकर आवाज दी।
युवक का दावा है कि आवाज सुनते ही डॉगी उसके पास आ गया। वह उसे ले जाने लगा तो गोविंदपुरम निवासी परिवार ने इसका विरोध किया।
उनका कहना था कि डॉगी उनका है, उन्होंने एक साल पहले उसे दिल्ली से खरीदा था। वे उसे टायसन कहते हैं। डॉगी का इलाज भी हुआ है। उनके पास डॉक्टर की स्लिप भी हैं।
तकरार बढ़ गई तो बुधवार सुबह दोनों पक्षों को पुलिस ने थाने बुलाया। गोविंदपुरम के परिवार ने पुलिस को कागजात दिखाए। पुलिस ने उस व्यक्ति से भी बात की, जिससे डॉगी खरीदा गया था।
इसके बाद मसूरी निवासी परिवार को समझाकर शांत किया गया और डॉगी को गोविंदपुरम में रहने वाले परिवार के सुपुर्द कर दिया।