बिसाहड़ा गांव में इकलाख की हत्या की जगह का सच खून के धब्बों की फॉरेंसिक रिपोर्ट से पता चल सकता है। यह रिपोर्ट जल्द आने कीउम्मीद है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इकलाख की हत्या के समय उसके घर पर ही फर्श और दीवार पर खून के धब्बों के सैंपल मिट्टी सहित लिए गए थे।
घायलावस्था में दानिश जिस जगह पड़ा हुआ था वहां के खूब के धब्बों के भी सैंपल लिए गए थे।दोनों सैंपलों को जांच के लिए पहले ही भेज दिया गया है। इसकी रिपोर्ट जल्द आने की उम्मीद है। रिपोर्ट से यह पता चल जाएगा कि घटना की सटीक जगह कौन सी है।
साथ ही, यह भी पता चलेगा कि खून इंसान का है या किसी जानवर का। दरअसल, बिसाहड़ा गांव में इकलाख के परिजनों ने गोहत्या की थी या नहीं, इसे लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं है।
रिपोर्ट में उसके घर में बछड़ा बंद करने की बात कही गई
बिसाहड़ा कांड
- फोटो : अमर उजाला
इकलाख की बेटी शाइस्ता ने मांस को एक रिश्तेदार के घर से आने की बात कही थी। घटना के बाद से ही इकलाख के घर का ताला बंद है। जान मोहम्मद ने लगाया फंसाने का आरोप जान मोहम्मद का कहना है कि गोहत्या के मामले में झूठा आरोप लगाकर उसे फंसाया जा रहा है।
घटना के समय उसके गांव में न होने के पुख्ता सबूत उसके पास मौजूद हैं। समय आने पर वह पेश करेगा। उसके मोबाइल फोन की लोकेशन निष्पक्ष एजेंसी से जांच कराई जा सकती है।
रिपोर्ट में उसके घर में बछड़ा बंद करने की बात कही गई है जबकि मकान देखरेख के लिए उसने एक दलित परिवार को दे रखा है। घटना के दौरान दलित परिवार मकान में रहता था। इकलाख की हत्या के दौरान वह बीमार था और दादरी के नई आबादी मोहल्ला में स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती था।