कविनगर के महरौली गांव में बुधवार सुबह प्रवीण उर्फ कालू (35) ने लाइसेंसी पिस्टल से सिर में गोली मारकर जान दे दी।
वह किसान चतरपाल सिंह का इकलौता बेटा था, उनके दो बेटियां भी हैं। आत्महत्या की वजह पता नहीं लगी है। सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। परिवार में मातम का माहौल है।
प्रवीण की शादी करीब 10 साल पहले हुई थी। उनके दो बच्चे हैं। बेटी माही (7) और बेटा वंश (5) हैं। परिजनों ने बताया कि सुबह करीब साढे़ छह बजे प्रवीण की पत्नी सुषमा की नींद अचानक फायरिंग की आवाज सुनकर खुली।
उसने देखा प्रवीण की कनपटी से खून बह रहा था, पास ही लाइसेंसी पिस्टल पड़ी थी। प्रवीण को कोलंबिया एशिया अस्पताल ले जाया गया, जहां पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने छानबीन की।
एसएचओ अवनीश गौतम ने बताया कि सुसाइड नोट नहीं है, जिस कारण आत्महत्या की वजह पता नहीं लग सकी है। परिजन भी वजह नहीं बता पा रहे हैं।
पशुओं को चारा खिलाया
चतरपाल सिंह ने बताया कि प्रवीण ने सुबह ताऊ सुखबीर के साथ घेर में बंधे पशुआें का चारा खिलाया था। इसके बाद खुद को गोली मार ली।
पिता के खाते से निकाले थे 8.50 लाख
चतरपाल ने बताया कि प्रवीण ने मंगलवार को ही उनके खाते से 8.5 लाख रुपये निकाले थे। वह गांव के बाहर मकान का निर्माण करवा रहा था। वह सेनेट्री का सामान खरीदकर लाया था। बाकी की रकम से बुधवार को उसे पत्थर खरीदकर लाने थे।
खुश दिल प्रवीण ने क्यों की आत्महत्या
पिता ने बताया कि प्रवीण ने करीब 3-4 माह पहले ही लाइसेंसी पिस्टल खरीदी थी। वह खुश दिल था। परिवार के लोगों को पता नहीं चल रहा कि उसने आत्महत्या क्यों कर ली।