गौशाला फाटक पर बृहस्पतिवार सुबह टीबी की बीमारी से परेशान अभिलाषा (26) ने ट्रेन से कटकर जान दे दी। घटना के वक्त महिला अपने मासूम बेटे बाबू को ट्रैक के किनारे बैठाकर ट्रेन के आगे कूद गई। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर पहुंची पुलिस जांच कर रही है।
एसओ विजयनगर सुरेंद्र यादव ने बताया कि अभिलाषा मकनपुर में पति जितेंद्र और बेटे बाबू(2) के साथ रहती थी। जितेंद्र नोएडा की एक एक्सपोर्ट कंपनी में नौकरी करता है। अभिलाषा को टीबी थी, जिसका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा था।
बृहस्पतिवार करीब नौ बजे वह घर से यह कहकर निकली थी कि बेटे के साथ अस्पताल दवा लेने जा रही है। सुबह करीब सवा 11 बजे उसने गौशाला फाटक पर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी।
सुसाइड से पहले 20 मिनट तक पेड़ के नीचे बैठी रही
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सुसाइड से पहले अभिलाषा बेटे के साथ ट्रैक किनारे पेड़ के नीचे 20 मिनट तक बैठी रही। उसके हाथ में एक्सरे था। बेटे के हाथ में पर्स देकर वह उठी व साहिबाबाद की ओर जा रही एक ट्रेन के आगे कूद गई।
घटना के बाद शव ट्रैक पर पड़ा रहा। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दूसरी ट्रेन को आता देख ट्रेन को रुकवाकर शव हटवाया। इस दौरान करीब 20 मिनट तक पैसेंजर ट्रेन रुकी रही।