पुजारी गिरधारी (55) हत्याकांड में कोर्ट ने उनकी पत्नी मधु और दत्तक पुत्र रामू उर्फ विवेक को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही एक-एक हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
इस केस में पुजारी की मासूम बेटी सलोनी की गवाही अहम रही, जो घटना की इकलौती चश्मदीद थी और वारदात के वक्त छह साल की थी। हत्या 16 मई 2010 को लोनी की लक्ष्मी विहार कालोनी में हुई थी।
अगले दिन 17 मई को पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह मामला गाजियाबाद कोर्ट में चल रहा था।
अवैध संबंधों में बाधक बनने पर की थी हत्या
गिरधारी लोनी में नाला रोड स्थित बालाजी मंदिर के पुजारी थे। लोनी की लक्ष्मी गार्डन कालोनी में वे पत्नी मधु (45) और बेटी सलोनी (6) के साथ रहते थे। रामू उर्फ विवेक (27) इनके पड़ोस में रहता था, वह हरर्दोई का रहने वाला है।
गिरधारी के गंगेश्वरानंद निवासी बल्लभगढ़ हरियाणा ने रामू और मधु के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि मधु और रामू के अवैध संबंध हो गए थे। इस पर मधु ने रामू को दत्तक पुत्र बनाकर घर में पनाह दे दी थी।
गिरधारी दोनों के अवैध संबंधों का विरोध करता था। बाधक बनने पर दोनों ने कपड़े धोने वाली थपकी से पीटकर पुजारी की हत्या कर दी थी। इस मामले को लूट के बाद हत्या का रूप देने की कोशिश की गई थी, मगर पुलिस ने छानबीन के बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया था।
ये थी मासूम की गवाही
सलोनी ने पुलिस को बयान और कोर्ट में गवाही दी थी, उसने बताया था कि ‘मां ने पापा के सिर पर थपकी मारी थी, वो बिस्तर से नीचे गिर गए। इसके बाद भी भैया और मां ने उन्हें पीटा था। मैं रोने लगी तो उन्होंने मुझसे कहा कि अगर रोना बंद नहीं किया तो मुझे भी मार डालेंगे।’