आरोपी कन्हैया ने प्रशिक्षण देकर कई गिरोह तैयार किए। प्रशिक्षण देने के कारण गिरोह के सदस्य इसे गुरुजी बोलते थे। इसके द्वारा तैयार किए गए गिरोह देश के कई शहरों में बैग चोरी की वारदात करने में सक्रिय हैं। हर गिरोह में दो से तीन महिलाएं हैं।
गिरोह के सदस्य जब बैग चोरी की बड़ी वारदात को अंजाम देते थे, वह नकदी व जेवरात लेने के लिए कन्हैया को बुलाते थे। कन्हैया उनके पास हवाई जहाज से जाता था और राजधानी ट्रेन से वापस दिल्ली आता था।
आरोपी ने बताया कि किसी शहर में अगर उसके गिरोह का कोई सदस्य पकड़ा जाता था तो वह उसका नाम नहीं लेता था। न ही ये बताता था कि चोरी की रकम किसको दी है। आरोपी कन्हैया उनकी जमानत आदि करवाने में सहायता करता था।
गिरोह के सदस्य ऐसे करते थे वारदात
गिरोह के सदस्य चलती कार को निशाना बनाते थे। वह टायर पंचर कर कार से ऑयल गिरने की बात कहकर, लाइट सिग्नल पर कार में ठक-ठक की आवाज कर कार चालक का ध्यान भटका देते थे। जैसे ही चालक का ध्यान भटकता था गिरोह का दूसरा सदस्य कार से बैग व महंगा सामान चुरा लेता था। गिरोह में शामिल महिलाएं गिरोह के सदस्यों के लिए खाना बनाती हैं।