नाबालिग लड़की रेप करने के आरोपी को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अलका मलिक की अदालत ने बृहस्पतिवार को 10 साल की कैद और 10 हजार रुपए जुर्माना देने की सजा सुनाई है।
यही नहीं, यदि दोषी जुमाने की राशि नहीं चुकाता है तो उसे अतिरिक्त कारावास की सजा भी भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष ने अदालत में जो पुख्ता सबूत व गवाह पेश किए उनसे आरोपी पर लगे आरोप सिद्ध होने पर अदालत ने आरोपी को तीन दिन पहले दोषी करार दिया था और सजा पर अपना फैसला सुरक्षित रखा था।
दूसरी बेटी पर भी गंदी निगाह
दोषी के खिलाफ थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में लड़की के पिता ने कहा गया था कि दोषी ने उसकी नाबालिग लड़की के साथ रेप किया है। परिजनों को इसकी जानकारी पीड़िता ने ही दी थी।
इसके कुछ ही दिनों बाद दोषी व्यक्ति ने पीड़ित की छोटी बेटी को भी धमकाना शुरू कर दिया, इससे परेशान होकर उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा था।
पीड़ित की शिकायत के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी और आरोपी को धर दबोचा।
गुड़गांव का है मामला
गुड़गांव की सीमा से लगे दिल्ली के गांव कापसहेड़ा के एक व्यक्ति ने पिछले साल 23 नवंबर को थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि वह कापसहेड़ा में अपने परिवार के साथ रहता है। उसके दो लड़के व दो लड़कियां हैं। इससे पूर्व वह गुड़गांव जिले के डूंडाहेड़ा गांव में रहता था।
कापासहेड़ा पुलिस ने शंकर के खिलाफ जीरो एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच व प्राथमिकी दर्ज करने के लिए गुड़गांव जिले के गांव डूंडाहेड़ा क्षेत्र के उद्योग विहार पुलिस थाना में भेज दिया था।
उद्योग विहार पुलिस थाना ने आरोपी शंकर के खिलाफ गत वर्ष 27 नवंबर को दुष्कर्म व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।