शहर कोतवाली के कोटगांव मोहल्ले में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरकेश अग्रवाल के इकलौते बेटे उमंग (19) ने आत्महत्या कर ली। वह बीसीए प्रथम वर्ष का छात्र था। शनिवार सुबह उसका शव कमरे में लगे कुंदे से लटका मिला।
गले में रस्सी का फंदा था। सुसाइड नोट नहीं मिला है। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस छानबीन में पता चला है कि उमंग ने देर रात एक बजे तक दोस्तों से फेसबुक पर चेटिंग की थी।
एसओ उम्मेद यादव ने बताया कि उमंग के पिता हरकेश अग्रवाल रेलवे से रिटायर्ड अफसर हैं। उन्होंने नौकरी में रहते हुए ही लॉ की पढ़ाई कर ली थी। वे अब सुप्रीम कोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं।
उनकी पत्नी की करीब एक साल पहले हार्ट अटैक से मृत्यु हो गई थी। घर में पिता-पुत्र ही रहते थे। घरेलू काम करने के लिए नौकरानी आती थी।
उमंग ने हाल ही में मेरठ रोड स्थित निजी कालेज में बीसीए प्रथम वर्ष में एडमिशन लिया था। पिता हरकेश ने बताया कि शुक्रवार शाम उमंग खाना खाने के बाद प्रथम तल पर बने कमरे में सोने चला गया था।
शनिवार सुबह करीब सात बजे उमंग के नीचे न आने पर उन्होंने खिड़की से देखा तो उसका शव छत में लगे कुंदे से रस्सी के सहारे लटका था। उन्होंने कंट्रोल रूम में कॉल कर पुलिस को सूचना दी। पुलिस और आसपास के लोगों ने गेट तोड़कर शव को नीचे उतारा।
रात एक बजे तक एफबी पर था ऑनलाइन
जांच अधिकारी एसआई देवेंद्र सिंह ने बताया कि उमंग के दोस्तों से पूछताछ करने पर पता चला है कि वह शुक्रवार रात करीब एक बजे तक फेसबुक पर ऑनलाइन था। एक बजे के बाद ही उसने यह कदम उठाया होगा।
मोबाइल से पता चल सकता है कारण
जांच अधिकारी ने बताया कि उमंग का मोबाइल लॉक्ड है। उसका लॉक खुलवाकर जांच की जाएगी, उससे आत्महत्या की वजह की पता लग सकती है।