पश्चिमी जिले की जनकपुरी थाना पुलिस ने ठगी करने वाले एक लंगड़ा गिरोह का पर्दाफाश कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी कोरे कागज थमाकर ठगी करते थे। ये बैंकों में जाकर पैसे जमा कराने आए लोगों को अपना शिकार बनाते थे।
पुलिस की माने तो आरोपी करीब 500 लोगों के साथ इसी तरह ठगी कर चुके हैं। आरोपियों ने फिल्ड ब्वॉय से 14 लाख रुपये ठग लिए। पुलिस ने गिरफ्तार आरेपियों केकब्जे से ठगी की रकम भी बरामद की है। पश्चिमी जिला डीसीपी पुष्पेन्द्र कुमार के अनुसार सागरपुर निवासी व प्राइवेट कंपनी में फिल्ड ब्वॉय का काम करने वाले विजय(बदला हुआ नाम) ने जनकपुरी थानाध्यक्ष आरएस मीणा को शिकायत दी थी कि वह कंपनी के 14 लाख रुपये जनकपुरी स्थित आईसीआईसीआई बैंक में जमा कराने गया था।
कैश काउंटर पर जब वह स्लिप भर रहा था तो तभी दो लड़केआए। इनमें एक विक्लांग था। दूसरे युवक ने बोला की उसने सैलरी नहीं देने पर मालिक केदो लाख रुपये चुराए लिए हैं। उसका बैंक में खाता नहीं है। अगर उसकेखाते में पैसे जमा करा देगा या खाता खुलवाने में सहायता करेगा तो वह उसे दस हजार रुपये देगा। आरोपियों ने विजय को एक पैकेट थमा दिया और उनकी स्लिप भरने लगा।
इस दौरान आरोपी उसका 14 लाख रुपये से भरा बैग लेकर स्वीफ्ट कार में बैठकर फरार हो गए। विजय ने पैकेट खोलकर देखा तो उसमें एक पांच सौ का नोट था,बाकी कोरे कागज थे। थानाध्यक्ष आरएस मीणा की टीम ने मामला दर्जकर तफ्तीश शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज आदि केआधार पर एक आरोपी प्रवीण उर्फलंगडा को गिरफ्तार कर लिया।
उसके कब्जे से ठगी की रकम में से 8.70 लाख रुपये बरामद कर लिए। पुलिस ने इससे पूछताछ केसाथ इसकेएक और साथी अनिल को गिरफ्तार कर लिया। वह लड़की का अपहरण कर उसे हरिद्वार ले गया था। इंस्पेक्टर आरएस मीणा की टीम ने उसे हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे 70 हजार रुपये बरामद किए गए।
तीसरा आरोपी रोशन फरार है। मुख्य आरोपी प्रवीण विक्लांग है, अत: उसने अपने गिरो का नाम लगड़ा रखा हुआ था। आरोपियोंने खुलासा किया है कि वह करीब 500 लोगों केसाथ इसी तरह ठगी कर चुके हैं।ज्यादातर मामलों में इन्होंने 10 से 20 हजार रुपये ठगे है। कम रकम जाने पर ज्यादातर लोग पुलिस में मामला दर्ज नहीं कराते थे। जब ये एक बैंक में ठगी करते थे तो उस बैंक में छह महीने तक नहीं जाते थे।