मुमताज ने बताया कि उसे ड्रग्स की खेप लेने के लिए पाकिस्तान व अफगानिस्तान से निर्देश आते थे। वह कई बार पाकिस्तान की यात्रा कर चुका है। उसने ये भी बताया कि वह पाकिस्तान में बैठे अजनाल की कहने पर दिल्ली में एक नाइजीरियाई की ड्रग्स की कई खेप दे चुका है। इसके बाद पुलिस टीम ने नजफगढ़ रोड से नाइजीरियाई नांदी उर्फबो को 6 अप्रैल को गिरफ्तार किया। इसके कब्जे से एक किलो हेरोइन बरामद की गई। इसके द्वारका स्थित घर की तलाश लेने पर 15 किलो हेरोइन बरामद की गई। ड्रग्स सप्लाई करने के आरोप में एनसीबी उसे पहले भी गिरफ्तार कर चुकी है। इसे 7 वर्ष की सजा हुई थी।
गिरोह को अजमाल पाकिस्तान से चलाता है
काबुल, अफगानिस्तान निवासी गुरबचन (41) दिल्ली के तिलक नगर में रहता था। ये भाई के साथ काबुल में आयुर्वेेदिक दुकान चलाता था। यह परिवार विस्थापित के तौर पर 5 वर्ष पहले भारत आ गया था। गुरबचन पिछले पांच वर्षों में पांच बार भारत आ चुका है। करीब नौ महीने पहले वह अपनी दुकान पर अजमाल से मिला था। गुरबचन अजमाल के कहने पर ड्रग्स भारत व एनसीआर में सप्लाई करता था। गुरबचन ने बताया कि अजमाल पाकिस्तान से ही इस गिरोह को चला रहा है। गुरबचन अपने संपर्कों के जरिए अजमाल को पैसे भेजता था।
व्यवसाय में घाटा होने पर ड्रग्स सप्लाई करने लगा जहांगीर
जहांगीर अहमद भट(41) न्यू एयरपोर्ट, जम्मू कश्मीर में कश्मीर आर्ट नाम से कपड़ों की दुकान चलाता था। इस व्यवसाय में उसे घाटा हो गया। एक दोस्त के जरिए वह तंगधार, जम्मू कश्मीर निवासी मोटा के संपर्क में आया। जहांगीर उससे कुपवाड़ा में मिला। मोटा के कहने पर वह गुरबचन को ड्रग्स के पार्सल सप्लाई करने लगा।