आय से अधिक संपत्ति के मामले में दोषी करार दिए गए कर्नल अरुण कुमार कांबोज को सीबीआई की विशेष अदालत ने मंगलवार को चार साल की सजा सुनाई। इसके साथ ही पांच लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। वहीं, कर्नल से बरामद संपत्ति को नीलाम करने का आदेश दिया है।
दोषी ठहराए जाने के बाद कर्नल चेहरे को रुमाल से ढककर पुलिसकर्मियों के साथ जेल रवाना हो गए। कर्नल के परिजनों को उम्मीद थी कि मामले में उन्हें एक से तीन साल की सजा होगी।
सीबीआई के वरिष्ठ लोक अभियोजक नईम राजा ने बताया कि जस्टिस अनिल कुमार झा की कोर्ट ने गत 26 अगस्त को आय से अधिक संपत्ति के मामले में सहारनपुर स्थित बहैट निवासी और चंडीगढ़ में तैनात रहे कर्नल अरुण कुमार कांबोज को दोषी करार दिया था।
पब्लिक प्रॉसिक्यूटर ने बताया कि सीबीआई अदालत से सजा की बहस के दौरान अपील की गई कि देश की सेना में तैनात रिश्वतखोर अधिकारियों के खिलाफ सजा में कोई उदारता नहीं बरती जानी चाहिए, जबकि बचाव पक्ष के वकीलों ने कम सजा की मांग की।
ये है पूरा मामला
Colonel arun kumar kamboj
वर्ष 2001 में शिलांग में तैनाती के दौरान उन पर आय से अधिक संपत्ति जमा करने का मामला आया था। उन्होंने वर्ष 2000 तक 62 लाख से अधिक की संपत्ति पत्नी, पुत्र, ससुर और साले के नाम से अर्जित की थी।
सोर्स के आधार पर सीबीआई ने 19 जून 2001 में मामले में रिपोर्ट दर्ज की थी। जांच में पता चला था कि कर्नल ने अधिकतर संपत्ति जमीन, ट्रक और ट्रैक्टर के तौर पर खरीदी थी। विवेचना के बाद वर्ष 2005 में सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया, जिसमें कर्नल अरुण के अलावा ससुर अमर सिंह और साले तेजपाल को भी आरोपी बनाया।
मुकदमे की विवेचना के दौरान ससुर अमर सिंह की 2011 में मौत हो गई थी, जबकि तेजपाल को सीबीआई की विशेष कोर्ट ने दोष मुक्त कर दिया था। कर्नल पर सेना में ठेकेदार से सामान की खरीदारी को लेकर 75 हजार रुपये रिश्वत लेने का भी आरोप है। केस की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से 53 गवाह पेश किए गए।