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मां के इलाज के लिए नौकर बना चोर, परम घी के मालिक के घर वारदात

Tue, 21 Jun 2016 01:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : फाइल फोटो
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वसंत विहार थाना पुलिस ने परम घी के मालिक के घर हुई चोरी की वारदात को सुलझाने के दावा किया है। उनके नौकर ने ही चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 90 लाख रुपये के गहने और 8500 रुपये नगद बरामद कर लिए हैं। नौकर को मां के इलाज के लिए पैसे की जरूरत थी, इस कारण उसने वारदात को अंजाम दिया था।
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दक्षिण जिला डीसीपी ईश्वर सिंह के अनुसार वसंत विहार निवासी परम घी के मालिक राजीव की पत्नी नम्रता कुमारी अपनी बेटी के साथ छह जून को यूरोप घूमने गई थी। घर में राजीव उनका बेटा था।

नम्रता जब 16 जून को वापस आईं तो पता लगा कि अलमारी व दराज खुली हुई है और करीब 90 लाख रुपये कीमत के हीरे व सोने के गहने और 20 हजार रुपये गायब थे। नम्रता ने इसकी शिकायत वसंत विहार थाना पुलिस को की। सूचना मिलने के बाद एसआई संजीव चौधरी तुरंत मौके पर पहुंचे। जांच में पता लगा कि उन्होंने कुछ दिन पहले नौकर बृजेश को काम पर रखा था।
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वारदात के बाद से बृजेश गायब था

पु‌लिस - फोटो : अमर उजाला
उसके व्यवहार के चलते उसे नौकरी से निकाल दिया था। उनका दूसरा नौकर बृजमोहन छुट्टी पर जाने वाला था इस कारण बृजेश को फिर से नौकरी पर रख लिया था। वारदात के बाद से बृजेश गायब था।

जांच में ये भी पता लगा कि बृजेश का पुलिस वेरिफिकेशन नहीं करवाया गया था। हालांकि पीड़ित परिवार को आरोपी के बारे में काफी जानकारी थी। उसी आधार पर पुलिस ने बृजेश के गांव मानकपुर, जिला बदायूं, उत्तरप्रदेश में स्थित उसके घर पर दबिश दी, मगर वह वहां नहीं मिला।

वहां पुलिस को ये पता लगा कि बृजेश अपने मामा के घर छिपा हुआ है। पुलिस ने गांव बाबराल, सहसवान उत्तर प्रदेश स्थित उसके मामा के घर पर एक सिपाही को फोन की आईडी वेरिफिकेशन के लिए भेजा। वहां पर बृजेश छिपा हुआ मिल गया। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।
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मां के इलाज के लिए पैसे की जरुरत थी

- फोटो : अमर उजाला
बृजेश ने अपना जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह वर्ष 2015 में नौकरी की तलाश में दिल्ली आया था और राजीव के घर में बतौर नौकर काम करना शुरू किया। मई, 2016 में उसे नौकरी से निकाल दिया गया था।

इसी दौरान उसकी मां बीमार हो गई थी। उसे मां के इलाज व घर बनाने के लिए पैसे की जरूरत थी। वह दिल्ली वापस आ गया। वह राजीव के पास आ गया और उन्होंने उसे फिर नौकरी पर रख लिया।

इस दौरान मौका लगते ही उसने चोरी की वारदात को अंजाम दे दिया। बृजेश के पिता की मौत हो चुकी है और उसके दो भाई भी हैं।
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